बच्चों की नियमित उपस्थिति, अनुशासन, स्वच्छता और पढ़ाई को लेकर पालकों से किया संवाद
रायगढ़। शासकीय रविशंकर प्राथमिक शाला चांदमारी, रायगढ़ में पालक-शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्रधान पाठक डॉ. मनीषा त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में शालेय स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में पालकों ने सहभागिता की। सम्मेलन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ उनके सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नियमित उपस्थिति और अनुशासन पर विशेष जोर
बैठक में बच्चों की शाला में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचने, अनुशासन बनाए रखने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया गया। पालकों से बच्चों में अच्छी आदतों के विकास के लिए घर और विद्यालय दोनों स्तरों पर सहयोग करने की अपील की गई।
नैतिक शिक्षा और पढ़ाई को लेकर हुई चर्चा
सम्मेलन में नैतिक एवं मूल्यपरक शिक्षा, कक्षा कार्य तथा गृह कार्य समय पर पूरा करने और बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को मजबूत करने के संबंध में पालकों को जानकारी दी गई। विद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी उन्हें अवगत कराया गया।
आधार और एमबीयू अपडेट कराने की जानकारी
पालकों को विद्यार्थियों के आधार कार्ड में आवश्यक अद्यतन कराने के साथ एमबीयू अपडेट की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। छात्रवृत्ति के लिए पात्र विद्यार्थियों के आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र समय-सीमा के भीतर बनवाकर विद्यालय में जमा करने के लिए भी कहा गया।
तिमाही परीक्षा की समय-सारिणी और पाठ्यक्रम बताया
बैठक में आगामी तिमाही परीक्षा की समय-सारिणी तथा पाठ्यक्रम के संबंध में पालकों को जानकारी दी गई। विद्यालय द्वारा बनाए गए कक्षा-समूह से जुड़े रहने और उसमें प्रसारित होने वाली आवश्यक सूचनाओं के अनुसार समय पर कार्य करने की अपील भी की गई।
अनुपस्थिति की सूचना देने पालकों से आग्रह
विद्यालय प्रबंधन ने पालकों से कहा कि उचित एवं आवश्यक कारणों से यदि बच्चा विद्यालय नहीं आ पाता है तो इसकी सूचना विद्यालय को दी जाए अथवा अवकाश के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाए। साथ ही विद्यालय से छुट्टी होने के बाद बच्चे के निर्धारित समय पर सुरक्षित रूप से घर पहुंचने को लेकर भी पालकों से सजग रहने की अपील की गई।
सरकारी योजनाओं और विद्यालयीन गतिविधियों की दी जानकारी
सम्मेलन में विद्यार्थियों से जुड़ी शासकीय योजनाओं तथा विद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी पालकों को दी गई। पालकों द्वारा पूछे गए सवालों और मांगी गई जानकारियों का विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा संतोषजनक उत्तर दिया गया।
पालकों से मांगे सुझाव, स्कूल के प्रति जताया विश्वास
विद्यालय को बेहतर ढंग से संचालित करने और विद्यार्थियों के हित में कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए पालकों से सुझाव भी लिए गए। उपस्थित पालकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रति विश्वास जताते हुए विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
मासिक पालक-शिक्षक सम्मेलन का सुझाव
पालकों ने सुझाव दिया कि इस प्रकार के सम्मेलन का आयोजन प्रत्येक माह किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और प्रगति को लेकर शिक्षक एवं पालकों के बीच निरंतर संवाद बना रहे। इस सुझाव को उपस्थित सभी लोगों ने सहर्ष स्वीकार किया।
52 पालकों की रही सहभागिता
सम्मेलन में कुल 52 पालकों की उपस्थिति रही। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार कार्यक्रम ने शिक्षक और पालक के बीच बेहतर समन्वय तथा संवाद की मजबूत मिसाल प्रस्तुत की। सम्मेलन का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय और परिवार को एक साथ जोड़ना भी रहा।
