शिक्षण के साथ स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस और समाजसेवा में योगदान के लिए रायपुर में किया गया सम्मानित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 30 अगस्त। जिले के तीन प्रतिभाशाली शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘आचार्य शिरोमणि सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। रायपुर के वृंदावन हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़, रायपुर की ओर से यह सम्मान प्रदान किया गया।
इन तीन शिक्षकों को मिला सम्मान
सम्मानित होने वाले शिक्षकों में अर्चना सामुएल मसीह, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगुरदा; व्याख्याता डॉ. ऐशले कैनिथ डगलस, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगरार तथा श्रीमती संगीता कैवर्त, व्याख्याता, पीएम श्री सेजेस कन्या विद्यालय पेंड्रा शामिल हैं।
उपलब्धियों से भरा है शिक्षकों का सफर
अर्चना सामुएल मसीह भारत स्काउट्स एवं गाइड्स में दो बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुकी हैं। उन्हें राज्यपाल सम्मान के साथ शिक्षक शिल्पी सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।
वहीं डॉ. ऐशले कैनिथ डगलस को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका है। इसके अलावा 15 अगस्त के अवसर पर जिले में उत्कृष्ट कार्य के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया है।
श्रीमती संगीता कैवर्त भी लगातार शिक्षण कार्य के साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
शिक्षा के साथ समाजसेवा में भी योगदान
तीनों शिक्षक अपने नियमित शिक्षकीय दायित्वों के साथ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स तथा इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी से जुड़कर सामाजिक सेवा के कार्यों में योगदान दे रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र के साथ समाज के विकास और जनसेवा में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इन अतिथियों ने किया सम्मानित
सम्मान समारोह में रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी एम.जी. सतीश कुमार, पूर्व सचिव शिक्षा आयोग एन.के. अग्रवाल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश तैरानी तथा शकुंतला फाउंडेशन की संस्थापक स्मिता सिंह ने तीनों शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया।
जिले के तीनों शिक्षकों को मिले इस सम्मान से शिक्षा जगत और उनके सहकर्मियों में खुशी का माहौल है। यह सम्मान उनके शिक्षकीय दायित्वों के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण को भी रेखांकित करता है।


