ब्लड जांच के लिए मरीज को दो दिन का इंतजार, निजी एजेंसी के जरिए संचालित लैब व्यवस्था पर शिकायतकर्ता ने उठाई आपत्ति
सूरजपुर। शासकीय चिकित्सालय प्रेमनगर में ब्लड जांच और रिपोर्ट मिलने में कथित देरी को लेकर अस्पताल की पैथोलैब व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासी प्रभात साहू ने सीएम हेल्पलाइन और जन शिकायत पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हुए जांच व्यवस्था की समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
31 अगस्त को अस्पताल पहुंचे थे मरीज
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह अपनी पत्नी को उपचार के लिए 31 अगस्त 2026 को शासकीय चिकित्सालय प्रेमनगर लेकर पहुंचे थे। चिकित्सक ने ब्लड जांच कराने की सलाह दी। प्रभात साहू का आरोप है कि अस्पताल में ब्लड जांच का कार्य निजी संस्था एचएलएल को सौंपे जाने के बावजूद जांच प्रक्रिया अपेक्षित रूप से संचालित नहीं हो रही है।
उनका कहना है कि 31 अगस्त को जांच के संबंध में जानकारी लेने पर लैब कर्मचारी ने उस दिन जांच नहीं होने की बात कहते हुए अगले दिन आने को कहा। इसके बाद 1 सितंबर को सैंपल देने के बाद उन्हें बताया गया कि जांच रिपोर्ट उसी दिन उपलब्ध नहीं होगी और अगले दिन रिपोर्ट मिलेगी।
रिपोर्ट के लिए दोबारा अस्पताल आने की स्थिति
शिकायतकर्ता का कहना है कि सामान्य ब्लड जांच की रिपोर्ट के लिए भी मरीज को अगले दिन अस्पताल आना पड़ रहा है। इससे मरीज और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय और आने-जाने की परेशानी उठानी पड़ रही है। शिकायत के माध्यम से उन्होंने व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
बीएमओ से चर्चा को लेकर भी उठे सवाल
प्रभात साहू के मुताबिक, उन्होंने मामले को लेकर अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी एवं बीएमओ डॉ. साधना सिंह से चर्चा की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीएमओ ने ब्लड जांच का कार्य शासन स्तर से निजी संस्था को दिए जाने का हवाला देते हुए मामले में अपनी सीमित भूमिका बताई। शिकायतकर्ता के अनुसार, बीएमओ ने अपनी तबीयत खराब होने की बात भी कही।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन या संबंधित निजी एजेंसी की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हमर उत्थान सेवा समिति ने जताई आपत्ति
मामले को लेकर हमर उत्थान सेवा समिति ने भी स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है। समिति का कहना है कि सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को आवश्यक जांच और रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए।
समिति के अनुसार, यदि निजी एजेंसी को जांच का कार्य सौंपा गया है तो उसकी कार्यप्रणाली की निगरानी और मरीजों को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग से जांच और जवाबदेही की मांग
समिति ने प्रेमनगर अस्पताल की पैथोलैब व्यवस्था की जांच कराने, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की निर्धारित समय-सीमा स्पष्ट करने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार पक्ष की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराता है या नहीं और जांच के बाद ब्लड सैंपल एवं रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था में क्या सुधार किए जाते हैं।


