रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
संवाददाता, छत्तीसगढ़
अंबिकापुर/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने 18 अगस्त 2026 को न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने जिला सरगुजा के अंबिकापुर में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण के लिए वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इसी अवसर पर सूरजपुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नवनिर्मित आवास गृह सहित न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर का भी वर्चुअल लोकार्पण किया गया।
24 न्यायालय कक्षों वाला होगा नया भवन
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने बताया कि अंबिकापुर में बनने वाले नए जिला न्यायालय भवन में चार मंजिल और कुल 24 न्यायालय कक्ष होंगे। न्यायालय से संबंधित आवश्यक सुविधाओं का भी भवन में प्रावधान किया जाएगा।
भवन निर्माण के लिए 46 करोड़ 2 लाख 52 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। शीघ्र ही निर्माण कार्य के लिए कार्यादेश जारी किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होने के साथ प्रदेश के अन्य न्यायालय भवनों के लिए भी एक मिसाल बनना चाहिए।
न्याय मांगने वालों को मिले त्वरित न्याय
न्यायमूर्ति सिन्हा ने अधिवक्ताओं और न्यायालय आने वाले लोगों से भवन की साफ-सफाई और रखरखाव में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय मांगने वाले लोगों को समय पर न्याय मिले, इसके लिए सभी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा न्यायालय भवन
अंबिकापुर में प्रस्तावित नए जिला एवं सत्र न्यायालय भवन में पार्किंग, सेंट्रल फाइलिंग, ई-सेवा केंद्र, आवक-जावक, कैंटीन, न्यायालयीन कक्ष, विश्राम कक्ष, रीडर रूम, स्टेनो रूम, रेस्ट रूम और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, साक्षी कक्ष, वीआईपी वेटिंग, न्यायिक अभिलेखागार, मालखाना, अधिवक्ता हॉल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
सूरजपुर में 12 न्यायिक आवासों का लोकार्पण
सूरजपुर में न्यायिक अधिकारियों के लिए 7 करोड़ 8 लाख 19 हजार रुपये की लागत से कुल 12 आवासीय मकानों का निर्माण किया गया है। इनमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के लिए एक बी-टाइप आवास, न्यायिक अधिकारियों के लिए तीन डी-टाइप और आठ ई-टाइप आवास शामिल हैं।
इन आवासों के लोकार्पण से न्यायिक अधिकारियों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी और न्यायिक कार्यों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी।
न्यायिक अधोसंरचना मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं सरगुजा के पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू तथा सूरजपुर के पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल की विशेष उपस्थिति रही।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा प्रदेश के दूरस्थ जिला मुख्यालयों और बाह्य न्यायालयों का भ्रमण कर न्यायिक अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सहित रजिस्ट्री के अधिकारी, सरगुजा एवं सूरजपुर के न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




