राउरकेला, 12 अगस्त 2026। राउरकेला शहर में कुष्ठ रोगियों की शीघ्र पहचान, रोकथाम और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष कुष्ठ रोग पहचान अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक चलेगा। अभियान के लिए 228 आशा कर्मियों और 50 सुपरवाइजरों की टीम तैनात की गई है।

सिटी टास्क फोर्स की बैठक में बनी रणनीति
अभियान को लेकर राउरकेला में सिटी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त आयुक्त पल्लवी नायक ने की। इस दौरान अभियान के उद्देश्य, रणनीति और प्रमुख गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद सेक्टर स्वास्थ्य अधिकारियों को अतिरिक्त जिला कुष्ठ रोग अधिकारी तथा राज्य एवं जिला परामर्शदाताओं द्वारा कुष्ठ रोग और इसकी पहचान से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया।
घर-घर पहुंचकर होगी स्क्रीनिंग
अभियान के दौरान आशा कर्मी, महिला स्वास्थ्य कर्मी और प्रशिक्षित सुपरवाइजरों की टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। संदिग्ध मामलों की पहचान के साथ कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी।
किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग के संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर उसे आवश्यक जांच और उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा।
कुष्ठ रोग को लेकर दूर की जाएंगी भ्रांतियां
अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य समाज में कुष्ठ रोग को लेकर व्याप्त डर, शर्म और गलतफहमियों को दूर करना भी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है और समय पर पहचान कर उपचार शुरू करने से बीमारी के कारण होने वाली विकलांगता को रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य कर्मियों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने राउरकेला शहर के नागरिकों से अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। लोगों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को कुष्ठ रोग की पहचान, उपचार और बचाव के प्रति जागरूक करने का भी आग्रह किया गया है।




