कलोल (गुजरात)। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक विश्व उमियाधाम, खोडियार–जसपुर रोड, कलोल (गुजरात) में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश भाई कलावाडिया (पटेल) ने की। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव महफूज़ खान सहित देशभर से राष्ट्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए राष्ट्रीय अभियान का ऐलान
बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता की रक्षा तथा पत्रकार सुरक्षा कानून को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कराने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई। निर्णय लिया गया कि जिन राज्यों में यह कानून लागू नहीं है, वहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल और गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। साथ ही संसद सत्र के दौरान सांसदों से भी इस विषय पर संवाद किया जाएगा।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा रिपोर्ट होगी तैयार
कार्यकारिणी ने पत्रकारों पर हमले, फर्जी मुकदमे, धमकी, हत्या, हिंसा और प्रशासनिक दबाव जैसे मामलों का दस्तावेजीकरण करते हुए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया। इस रिपोर्ट के आधार पर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को मजबूती दी जाएगी।
जिला स्तर तक होगा संगठन का विस्तार
देश के प्रत्येक जिले में संगठन को मजबूत करने के लिए जिला संयोजकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही पत्रकारों के लिए हेल्पलाइन और कानूनी सहायता व्यवस्था विकसित की जाएगी। ग्रामीण, स्वतंत्र और डिजिटल पत्रकारों को भी संगठन से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
कानूनी सहायता प्रकोष्ठ का होगा गठन
पत्रकारों पर उत्पीड़न और फर्जी मामलों में सहायता के लिए कानूनी सहायता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। अधिवक्ताओं की टीम गठित कर पत्रकारों को कानूनी सलाह और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मानवाधिकार संगठनों से समन्वय भी स्थापित किया जाएगा।
पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी जोर
बैठक में यह संकल्प लिया गया कि पत्रकारों की सुरक्षा के साथ-साथ निष्पक्ष, जिम्मेदार और जनहितकारी पत्रकारिता की गरिमा एवं विश्वसनीयता को भी मजबूत किया जाएगा।
सभी दलों से होगा संवाद
समिति ने स्पष्ट किया कि पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि लोकतंत्र और पत्रकारिता की सुरक्षा के उद्देश्य से है। इसके लिए सत्ता पक्ष, विपक्ष और सभी जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया जाएगा।
डिजिटल और युवा पत्रकार भी होंगे शामिल
पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को देखते हुए यूट्यूब पत्रकार, स्वतंत्र पत्रकार और सोशल मीडिया रिपोर्टरों को भी संगठन के एजेंडे में शामिल कर उनके अधिकारों और सुरक्षा के लिए कार्य करने का निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय संकल्प
बैठक के अंत में समिति ने संकल्प दोहराया कि “पत्रकार सुरक्षित होगा, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।” संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।






