सूरजपुर। गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर चलाए जा रहे ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के द्वितीय चरण के तहत रविवार को सूरजपुर में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अभियान के प्रतिनिधियों ने बताया कि देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र कर केंद्र सरकार को प्रार्थना-पत्र भेजा गया है।
सूरजपुर से 1.83 लाख से अधिक लोगों का समर्थन
अभियान के तहत सूरजपुर जिले से 1 लाख 83 हजार 578 नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए। कुल 7,215 पन्नों के दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड पेनड्राइव के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा गया, जिसे केंद्र सरकार तक भेजा जाएगा।
30 से अधिक मांगें सरकार के समक्ष रखीं
अभियान के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले छह माह से देशभर में संतों, गौसेवकों और गोभक्तों के नेतृत्व में जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। ज्ञापन में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं।
शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा निकाली गई
कार्यक्रम का शुभारंभ गोमाता पूजन, शंखनाद और “श्री राम जय राम जय जय राम” मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुआ। इसके बाद रंगमंच मैदान से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा निकाली गई। यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम एवं गोमाता की झांकियां, अभियान के झंडे, बैनर और जनजागरण संदेश वाले प्लेकार्ड शामिल रहे।
सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर संत-महात्माओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण और ग्राम्य अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह करते हुए कहा कि अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रहेगा।





