रायगढ़। जिले में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत आधार देने के उद्देश्य से कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार छह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का विभिन्न विद्यालयों में शाला प्रवेश कराया गया। इस अभियान के तहत 8,486 बच्चों ने औपचारिक शिक्षा की नई शुरुआत की। प्रवेश से पहले सभी बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
आंगनबाड़ी से मिली मजबूत शैक्षणिक नींव
समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रारंभिक एवं अनौपचारिक शिक्षा दी जाती है। इससे बच्चे विद्यालयी शिक्षा के लिए मानसिक और सामाजिक रूप से तैयार होकर आत्मविश्वास के साथ स्कूल में प्रवेश करते हैं।
6,385 बच्चों ने शासकीय और 2,101 ने निजी विद्यालयों में लिया प्रवेश
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, कुल 8,486 बच्चों में से 6,385 बच्चों ने शासकीय विद्यालयों तथा 2,101 बच्चों ने निजी विद्यालयों में प्रवेश लिया।
परियोजनावार शाला प्रवेश की स्थिति इस प्रकार रही—
- मुकडेगा – 296
- धरमजयगढ़ – 1,402
- खरसिया – 1,125
- रायगढ़ शहरी – 446
- रायगढ़ ग्रामीण – 993
- तमनार – 677
- लैलूंगा – 690
- पुसौर – 917
- घरघोड़ा – 952
- कापू – 988
पालकों ने जताई खुशी
बच्चों के विद्यालय में प्रवेश होने पर पालकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मिली प्रारंभिक शिक्षा से बच्चों को विद्यालय के वातावरण में सहजता से ढलने में मदद मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत शुरुआत बताया।




