मानसून-2026 अभियान की समीक्षा बैठक में बोले मंत्री— पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास साथ-साथ, नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी’
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून-2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा के लिए शनिवार को रायपुर स्थित बेबीलॉन कैपिटल में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की। इसमें राज्य की प्रमुख मीडियम एवं लार्ज स्केल औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने भाग लिया।
31 जुलाई तक पूरा करें लक्ष्य, 15 अगस्त तक सुनिश्चित करें गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। सभी उद्योगों को 31 जुलाई तक निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने तथा 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अभियान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल पर समयबद्ध जानकारी दर्ज करना अनिवार्य बताया गया।
स्थानीय प्रजातियों और मियावाकी पद्धति पर जोर
मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके संरक्षण और जीवित रहने की दर सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। उन्होंने उद्योगों से पीपल, नीम, शिरीष, आम और कटहल जैसी स्थानीय एवं दीर्घायु प्रजातियों को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही मियावाकी पद्धति जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया।
नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी’
बैठक में मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर को “पीपल सिटी” के रूप में विकसित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पहले लगाए गए लगभग 70 हजार पौधों के अतिरिक्त अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, सेंध लेक के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू हो चुका है। झील के मध्य स्थित तीन एकड़ के द्वीप पर मियावाकी पद्धति से 25 हजार पौधे लगाए गए हैं, जहां प्राकृतिक “बर्ड आइलैंड” विकसित किया जा रहा है।
22 लाख पौधे लगाए, 25 लाख का लक्ष्य
आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष अंकित आनंद ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 22 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है। वर्ष 2026 के लिए 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे उद्योगों के सहयोग से 30 लाख से अधिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 320 से अधिक उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।


