WDMMA 2026 रैंकिंग में अमेरिका पहले, रूस दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर; 1,716 विमानों के संतुलित बेड़े ने दिलाई मजबूती
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMA) की वर्ष 2026 की रैंकिंग में भारतीय वायुसेना लगातार तीसरे स्थान पर बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत से ऊपर केवल अमेरिका और रूस की वायुसेनाएं हैं, जबकि भारत ने लगातार पांचवीं बार चीन की वायुसेना को पीछे छोड़ दिया है।
ट्रू वैल्यू रेटिंग के आधार पर तैयार होती है रैंकिंग
डब्ल्यूडीएमएमए हर वर्ष 103 देशों की 129 वायुसेनाओं और 48,000 से अधिक सैन्य विमानों का विश्लेषण करता है। यह रैंकिंग केवल विमानों की संख्या पर नहीं, बल्कि ट्रू वैल्यू रेटिंग (TVR) प्रणाली के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें बेड़े की संरचना, तकनीकी क्षमता, लॉजिस्टिक सपोर्ट, आधुनिकीकरण, विशेष मिशन क्षमता और कुल ऑपरेशनल दक्षता का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है।
भारतीय वायुसेना के पास 1,716 विमानों का मजबूत बेड़ा
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में कुल 1,716 विमान हैं। इनमें 542 लड़ाकू विमान, 498 हेलीकॉप्टर, 282 परिवहन विमान, 374 प्रशिक्षण विमान और 20 विशेष मिशन वाले विमान शामिल हैं। विशेष मिशन विमानों में एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम, हवाई ईंधन भरने वाले विमान और खुफिया निगरानी प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो लंबी दूरी तक संचालन क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
स्वदेशी प्लेटफॉर्म भी बढ़ा रहे ताकत
भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर बेड़े में 222 एमआई-17 के साथ स्वदेशी एचएएल ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। रिपोर्ट में भविष्य की खरीद योजनाओं और स्वदेशी एयरोस्पेस उद्योग की क्षमता को भी भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।
अमेरिका पहले, रूस दूसरे स्थान पर कायम
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी वायुसेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायुसेना बनी हुई है। उसके बेड़े का बड़ा हिस्सा लड़ाकू, बमवर्षक और क्लोज एयर सपोर्ट विमानों से लैस है। वहीं रूस दूसरे स्थान पर कायम है, जबकि भारत ने लगातार अपना तीसरा स्थान बरकरार रखते हुए वैश्विक सैन्य शक्ति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।


