बंडामुंडा। सेंट अर्नोल्ड कॉन्वेंट स्कूल, बंडामुंडा में प्राचार्य सिस्टर मैरी रेजिना के कुशल नेतृत्व में वन महोत्सव का आयोजन उत्साह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्कूल समुदाय के सदस्यों ने भाग लेकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
एनआईटी राउरकेला के रजिस्ट्रार रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला के रजिस्ट्रार प्रोफेसर रोहन धीमान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं राउरकेला डिवीजन के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) गजेंद्र माथुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नागेश्वर जगदला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एल. मुरली मोहन राव, रोवी नारायण सी, कमल दत्ता, दीपा दत्ता, लीना नायडू, देवंती सोना, डी.एम. रेड्डी, उज्ज्वल भट्टाचार्जी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पेड़ लगाने और जैव विविधता संरक्षण पर दिया जोर
अतिथियों ने अपने संबोधन में वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक बनने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।
सेंट अर्नोल्ड स्कूल की अनुशासन और शिक्षा व्यवस्था की सराहना
अतिथियों ने सेंट अर्नोल्ड कॉन्वेंट स्कूल की अनुशासन व्यवस्था, मूल्य आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के अच्छे व्यवहार की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्कूल छात्रों में आत्मनिर्भरता, विनम्रता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्कूल के स्वच्छ एवं हरित परिसर, प्राचार्य सिस्टर मैरी रेजिना, शिक्षकों और कर्मचारियों की पर्यावरण जागरूकता तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भी प्रशंसा की गई।
वृक्षारोपण रहा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
वन महोत्सव का मुख्य आकर्षण वृक्षारोपण कार्यक्रम रहा, जिसमें मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, शिक्षक और विद्यार्थियों ने पौधे लगाकर हरित भविष्य का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, प्राचार्य सिस्टर मैरी रेजिना, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया गया। वन महोत्सव ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का संदेश दिया।




