प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को न्यूजीलैंड पहुंचे। यह यात्रा इसलिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला न्यूजीलैंड दौरा है। ऑकलैंड एयरपोर्ट पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने स्वयं पीएम मोदी का स्वागत किया।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई दिशा देने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को आगे बढ़ाना, आर्थिक सहयोग बढ़ाना, रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना और प्रतिभाशाली भारतीयों के लिए रोजगार व शिक्षा के अवसरों को बेहतर बनाना है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह यात्रा ऐतिहासिक है और वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ भारत-न्यूजीलैंड मित्रता के सभी पहलुओं पर चर्चा करने को लेकर उत्साहित हैं।
2036 ओलंपिक मेजबानी और खेल सहयोग पर चर्चा
भारत और न्यूजीलैंड खेल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच खेल सहयोग समझौते को और मजबूत करने की तैयारी है।
हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स, खिलाड़ियों और कोचों के आदान-प्रदान जैसी पहलों पर चर्चा हो सकती है। इससे भारत के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के दावे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग
यात्रा के दौरान दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग में साझेदारी के लिए नए रोडमैप पर विचार किया जा सकता है।
भारत और न्यूजीलैंड इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानते हैं।
FTA, वीजा और भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही पर फोकस
भारत का जोर न्यूजीलैंड में भारतीय छात्रों, पेशेवरों और कुशल श्रमिकों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर रहेगा। आसान वीजा प्रक्रिया, शिक्षा सहयोग और टैलेंट मोबिलिटी जैसे मुद्दों पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
इंडो-पैसिफिक पर साझा रणनीति
दोनों देश स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे। इस दौरान क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक चुनौतियों पर भी बातचीत होगी।




