“आपातकाल की दुहाई देने वालों ने देश पर थोपा अघोषित आपातकाल” — कांग्रेस प्रवक्ता हरेराम तिवारी का बीजेपी पर तीखा हमला

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रायगढ़ में कांग्रेस का पलटवार, लोकतंत्र और संस्थाओं पर उठाए सवाल
रायगढ़ में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा 1975 के आपातकाल को लेकर की जा रही राजनीतिक बयानबाजी पर कड़ा जवाब दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता हरेराम तिवारी ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि आज देश में “अघोषित आपातकाल” जैसी स्थिति बन गई है, जो 1975 के घोषित आपातकाल से भी अधिक खतरनाक है।

“असहमति को देशद्रोह और सवालों को अपराध बनाया जा रहा है”
हरेराम तिवारी ने कहा कि भाजपा 49 वर्ष पुराने आपातकाल की चर्चा तो करती है, लेकिन वर्तमान समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति पर सवालों से बचती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के समय में असहमति को देशद्रोह, आलोचना को राष्ट्रविरोध और सवाल पूछने को अपराध की तरह देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को केवल चुनाव जीतने तक सीमित कर दिया गया है और संस्थाओं की स्वतंत्रता पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

“लोकतंत्र नहीं, चुनावी मशीन बन गया सिस्टम”
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र को एक “चुनावी मशीन” में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाने वालों का मजाक उड़ाया जाता है और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं।

उनके अनुसार, जो नेता सत्ता पक्ष में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ जांचें धीमी पड़ जाती हैं, जबकि विरोध करने वालों पर एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो जाती है।

मीडिया, एजेंसियों और नागरिक स्वतंत्रता पर सवाल
तिवारी ने आरोप लगाया कि आज मीडिया, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं पर दबाव की स्थिति है। उन्होंने कहा कि सत्ता की आलोचना करने वालों को राष्ट्रविरोधी बताया जाता है, जबकि समर्थन करने वालों को विशेष सुविधा मिलती है।

राम मंदिर और धार्मिक राजनीति पर टिप्पणी
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था का राजनीतिक उपयोग किया गया है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय मामलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आस्था जनता की होती है, लेकिन उसका राजनीतिक उपयोग किया गया है।

बेरोजगारी, महंगाई और परीक्षाओं पर भी निशाना
उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ी है, महंगाई ने मध्यम और गरीब वर्ग को प्रभावित किया है। साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा विवाद और पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

कोविड काल और सरकारी प्रचार पर भी आरोप
हरेराम तिवारी ने कोविड-19 महामारी के दौरान सरकारी प्रबंधन और प्रचार नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैक्सीन प्रमाणपत्रों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर और बाद में बदलाव जैसे फैसलों ने सरकारी योजनाओं की मंशा पर सवाल खड़े किए।

“लोकतंत्र केवल चुनाव नहीं, संस्थाओं की स्वतंत्रता है”
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं है, बल्कि संस्थाओं की स्वतंत्रता, मीडिया की आजादी और नागरिक अधिकारों की रक्षा का नाम है।

निष्कर्ष में तीखा बयान
उन्होंने अंत में कहा—
“देश को 49 साल पुराने आपातकाल की याद दिलाने वालों को पहले यह देखना चाहिए कि आज नागरिक अधिक स्वतंत्र हैं या अधिक भयभीत। लोकतंत्र की हत्या एक दिन में नहीं होती, यह धीरे-धीरे संस्थाओं की आत्मा खत्म करके होती है।”

 

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