नुआगांव। मंगलवार शाम नुआगांव ब्लॉक अंतर्गत उरमई ग्राम पंचायत में अचानक आए काल बैशाखी तूफान ने भारी तबाही मचा दी। बाग-बगीचों और जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में तेज आंधी के कारण सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि हजारों पेड़ों की टहनियां टूटकर बिखर गईं।

पेड़ गिरने से सड़कें पूरी तरह बाधित
तूफान के चलते कई बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सरपंच बिरसा ओरांव को दी।
सूचना मिलते ही सरपंच ने अग्निशमन दल और वन विभाग को सूचित किया और स्वयं मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू कराया। घंटों की मशक्कत के बाद सड़क यातायात बहाल हो सका।
पेयजल टंकी और घरों को भी भारी नुकसान
आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ गिरने से पेयजल टंकी और ग्रामीणों के घरों को भी भारी क्षति पहुंची है। सबसे अधिक नुकसान बड़ कुलागोजो, बिसरोली और आसपास के गांवों में दर्ज किया गया है।
फलदार पेड़ों को भी बड़ा झटका
तूफान में आम, महुआ, अमरूद, जामुन और कटहल जैसे फलदार पेड़ भी बड़े पैमाने पर गिर गए, जिससे फसल और फल पूरी तरह बर्बाद हो गए। ग्रामीणों के अनुसार यही फल उनकी आर्थिक आय का मुख्य स्रोत थे।
प्रशासन ने किया निरीक्षण, मुआवजे का आश्वासन
बुधवार को सरपंच बिरसा ओरांव, सहायक विकास अधिकारी अमित कुमार दास सहित पंचायत कर्मचारी प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को हुई क्षति का आकलन कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत और पुनर्वास की मांग की है।




