रायपुर। छत्तीसगढ़ से मानसून के दूर रहने के कारण राजधानी रायपुर में एक बार फिर ग्रीष्मलहर जैसे हालात बनने लगे हैं। शहर के साथ-साथ माना क्षेत्र में भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक है।
नमी ने बढ़ाई परेशानी, उमस से बेहाल लोग
अरब सागर से आने वाली नमीयुक्त हवाओं के कारण तापमान में भले ही थोड़ी स्थिरता बनी हो, लेकिन उमस और चिपचिपाहट भरी गर्मी लोगों को ज्यादा परेशान कर रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इससे गर्मी औसतन 2 डिग्री ज्यादा महसूस हो रही है।
दोपहर बाद हल्की बारिश, लेकिन राहत नहीं
मंगलवार को रायपुर में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई, लेकिन राहत मिलने के बजाय उमस और बढ़ गई। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से गर्मी और चिपचिपी हो गई, जिससे लोग बेहाल नजर आए।
मानसून की रफ्तार थमी, द्रोणिका स्थिर
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की रफ्तार फिलहाल थमी हुई है और मानसून द्रोणिका पिछले कई दिनों से लगभग उसी स्थिति में बनी हुई है, जहां 11 जून को थी। छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
40 डिग्री के पार तापमान, ग्रीष्मलहर की स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जब किसी क्षेत्र का अधिकतम तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक हो और सामान्य से अंतर 4.5 डिग्री से ज्यादा हो, तो उसे ग्रीष्मलहर की स्थिति माना जाता है। रायपुर, माना और बिलासपुर में ऐसी ही स्थिति देखी जा रही है।
कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि बुधवार को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन मध्य छत्तीसगढ़ में राहत की संभावना फिलहाल कम है।




