जंगली सुअर के शिकार पर वन विभाग का छापा,वसूली के आरोप से मचा हड़कंप,

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डिप्टी रेंजर का वीडियो वायरल, डीएफओ ने दिए जांच के आदेश,पहले भी आ चुके हैं मामले

कोरबा।कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र में जंगली सुअर का शिकार कर पार्टी मनाने की तैयारी कर रहे लोगों पर वन विभाग ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों पर केस दर्ज किया गया, जबकि कुछ को बचाने के नाम पर रुपये वसूली के आरोप लगे हैं। मामले से जुड़ा डिप्टी रेंजर का वीडियो वायरल होने के बाद डीएफओ कुमार निशांत ने जांच के आदेश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार मामला लैंगा बीट के करी गांव का है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने जंगली सुअर का शिकार किया था। इसके बाद गांव में पार्टी की तैयारी चल रही थी। इसकी सूचना फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम को मिली। सूचना मिलते ही वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की। विभाग ने शिकार में शामिल कुछ लोगों पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। साथ ही शिकार में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त की गई।

इसी बीच मामले से जुड़ा एक कथित स्टिंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में डिप्टी रेंजर लैंगा उषा सोनवानी और कुछ ग्रामीण बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उषा सोनवानी कथित तौर पर कह रही हैं कि शिकारियों से वन रक्षक द्वारा पैसे लिए गए थे। कुछ आरोपियों को बचाने के लिए लेन-देन की बात सामने आई है। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले में कोरबा डीएफओ कुमार निशांत ने कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। इस मामले की जांच के लिए पसान रेंजर मनीष सिंह को निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

गौरतलब है कि कोरबा जिले में इससे पहले भी जंगली जीव-जंतुओं के शिकार के मामले सामने आते रहे हैं। वन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। विभाग का कहना है कि वन्य जीवों के शिकार पर पूरी तरह रोक है। ऐसे लोगों पर विभाग की नजर बनी हुई है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे वन्य जीवों का शिकार न करें।

वायरल वीडियो के बाद वन विभाग की साख पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के कुछ कर्मचारी कार्रवाई के नाम पर अवैध वसूली करते हैं। वहीं वन विभाग का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है

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