खरसिया। खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले क्षेत्र में खाद और बीज की उपलब्धता एवं कालाबाजारी के मुद्दे को लेकर शिवसेना खरसिया इकाई ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने और निजी विक्रेताओं की मनमानी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिवसेना प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के निर्देश पर खरसिया इकाई अध्यक्ष पिंटू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जून-जुलाई में बोनी और रोपाई का कार्य तेज होने वाला है, ऐसे में किसानों को खाद और बीज की भारी जरूरत होती है। संगठन ने मांग की कि सहकारी समितियों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले वर्ष खाद-बीज की कमी के कारण किसानों को बाजार से अधिक कीमत पर सामग्री खरीदनी पड़ी थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई मामलों में निर्धारित दर से कई गुना अधिक वसूली की शिकायतें भी सामने आई थीं।
शिवसेना ने मांग की कि सभी निजी खाद-बीज विक्रेताओं को अपनी दुकानों में रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसानों से मनमानी वसूली रोकी जा सके।
संगठन ने आरोप लगाया कि हर साल खरीफ सीजन में कुछ असामाजिक तत्व किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर कालाबाजारी करते हैं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इस पर प्रभावी नियंत्रण और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पिंटू यादव, नितेश राठौर, मनोज चौहान, लकी साहू और रुपेश राठौर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




