राजस्थान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के अधिकारों को लेकर प्रशिक्षण शिविर शुरू, संगठन मजबूत करने पर जोर

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सीटू के राज्य स्तरीय शिविर में वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और श्रमिक अधिकारों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन सीटू का दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार को जयपुर स्थित मजदूर किसान भवन में शुरू हुआ। प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन संगठन की मजबूती, श्रमिक अधिकारों और आंगनबाड़ी कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

श्रम कानूनों और मजदूर आंदोलनों पर हुई चर्चा

प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता चूरू की कामरेड सुशीला कंवर ने की। उद्घाटन करते हुए सीटू प्रदेश अध्यक्ष भंवर सिंह शेखावत ने संगठन की भूमिका और देश में लागू नए श्रम कानूनों के प्रभाव पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में लागू चार लेबर कोड का श्रमिकों और संगठनों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही विभिन्न राज्यों में हुए मजदूर आंदोलनों और ठेका श्रमिकों के शोषण से जुड़े मुद्दों की जानकारी भी साझा की गई।

आंगनबाड़ी कर्मचारियों के शोषण और अधिकारों का मुद्दा उठा

शिविर में कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कम मानदेय पर अत्यधिक कार्य लिया जा रहा है। डिजिटल और मोबाइल आधारित कार्यों का दबाव बढ़ने के बावजूद उचित भुगतान नहीं मिलने की बात भी उठाई गई।

वक्ताओं ने कहा कि कई राज्यों में संघर्ष के बाद आंगनबाड़ी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं लागू हुई हैं और राजस्थान में भी इसके लिए एकजुट होकर आंदोलन करने की जरूरत है।

पेंशन, ग्रेच्युटी और राज्य कर्मचारी का दर्जा मुख्य मांग

कार्यक्रम में आइफा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बिना गुप्ता और जनरल सेक्रेटरी कैलाश रोहित ने भी प्रशिक्षण दिया। कैलाश रोहित ने गुजरात में संगठन निर्माण और ग्रेच्युटी आंदोलन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि छोटे स्तर से शुरू हुआ संगठन अब हजारों सदस्यों तक पहुंच चुका है।

प्रशिक्षण शिविर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा और पीएफ सुविधा उपलब्ध कराने की मांग पर भी जोर दिया गया।

संगठन मजबूत करने पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

सीटू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र शुक्ला ने संगठन को मजबूत करने और श्रमिक इतिहास की जानकारी दी। पहले सत्र में संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया गया, जबकि दूसरे सत्र में समूह चर्चा के माध्यम से संगठन विस्तार की रणनीति पर विचार किया गया।

शिविर के आयोजन में राज्य महिला कन्वीनर सुमित्रा चोपड़ा सहित निर्माण यूनियन के नेता हरेंद्र सिंह और विजय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन रविवार को भी जारी रहेगा।

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