“माड़ मैत्री” पहल से अबूझमाड़ में शिक्षा (shiksha), कौशल विकास और स्वरोजगार को नई रफ्तार

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नारायणपुर में आईटीबीपी और पुलिस की संयुक्त पहल से युवाओं व ग्रामीणों को मिल रहा व्यावसायिक प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का अवसर

नारायणपुर। नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया, 45वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी राजीव गुप्ता तथा 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में जनसहभागिता आधारित नवाचार पहल “माड़ मैत्री” के तहत जिले में शिक्षा (shiksha), कौशल विकास (skill development) और स्वरोजगार (self-employment) को बढ़ावा देने के लिए लगातार जनहितकारी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

छात्राओं के लिए “कैंपस टू कॉर्पोरेट” कार्यशाला का सफल आयोजन

महिला आईटीआई कॉलेज, नारायणपुर में 20 मई से 22 मई 2026 तक “कैंपस टू कॉर्पोरेट” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को रोजगारोन्मुख कौशल, व्यावसायिक दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के लिए तैयार करना था।

कार्यशाला में बायोडाटा निर्माण, ई-मेल शिष्टाचार, पब्लिक स्पीकिंग, एआई टूल्स का उपयोग, करियर परामर्श, व्यक्तित्व विकास और बॉडी लैंग्वेज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और पेशेवर आचरण को लेकर POSH अधिनियम 2013 पर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण में 50 से अधिक छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और लगभग 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की। प्रशिक्षण को व्यावहारिक और गतिविधि आधारित तरीके से संचालित किया गया, जिससे छात्राओं को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव मिल सके।

कार्यशाला का शुभारंभ 45वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट राजीव गुप्ता ने किया, जबकि प्रशिक्षण सत्र उप कमांडेंट रजनीकांत सिंह ने संचालित किए। समापन समारोह की अध्यक्षता द्वितीय कमान अधिकारी वी.आर. चंद्रन ने की। अंत में प्रतिभागियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

पदमकोट में पशुपालन प्रशिक्षण से ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का मार्ग

इसी क्रम में 23 मई 2026 को अबूझमाड़ क्षेत्र के पदमकोट गांव में विशेष पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वरोजगार (self-employment) के अवसर बढ़ाना था।

कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट (पशु परिवहन) डॉ. महिपाल सिंह ने ग्रामीणों को आधुनिक पशुपालन, पशु देखभाल, टीकाकरण, संतुलित पोषण और दुग्ध उत्पादन की वैज्ञानिक जानकारी दी। साथ ही पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण के महत्व पर भी जोर दिया गया।

कैंप पदमकोट कमांडर दिनेश की उपस्थिति में आयोजित इस प्रशिक्षण में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे बेहद उपयोगी बताया। ग्रामीणों ने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग भी रखी।

“माड़ मैत्री” से जनविश्वास और विकास को मिल रही मजबूती

नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी द्वारा “माड़ मैत्री” अभियान के तहत शिक्षा (shiksha), स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल और जनजागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं। इन पहलों से न केवल ग्रामीणों और युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, बल्कि सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास और सहयोग भी मजबूत हो रहा है।

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