धमतरी: उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की टीम ने बाघ के शिकार की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए ओडिशा के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जिसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान है.
बाघ का शिकार करने की थी तैयारी
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा राज्य के नुआपाड़ा जिले के कुछ शिकारी उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ का शिकार करने की योजना बना रहे हैं. सूचना मिलते ही एंटी पोचिंग टीम को अलर्ट किया गया और ओडिशा सीमा से लगे पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई. 5 दिन पहले ही टाइगर रिजर्व की टीम ने सीमा क्षेत्र में 3 अस्थायी चौकी और कैंप स्थापित किए गए थे.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. ओडिशा सीमा से लगे इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. ड्रोन और विशेष निगरानी टीमों की मदद से जंगलों में गश्त बढ़ा दी गई है. इस कार्रवाई में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व, खड़ियार वनमंडल (ओडिशा) और गरियाबंद पुलिस की फॉरेंसिक टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही: वरुण जैन, उप निदेशक, USTR
ओडिशा के 7 शिकारी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान ओडिशा निवासी 76 वर्षीय रमन हेरना को पकड़ा गया, जिसके पास से हिरण का सींग बरामद हुआ. पूछताछ में उसने खुलासा किया कि कुछ लोगों ने उसे बाघ की खाल उपलब्ध कराने का लालच दिया था. इसके लिए जहर तथा हथियारों का इंतजाम किया जा रहा था. इसके बाद एंटी पोचिंग टीम ने 10 मई को ओडिशा के कटफाड़ गांव में दबिश देकर 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पानी में जहर मिलाकर शिकार की कोशिश
पकड़े गए आरोपियों के पास से जहरीला पदार्थ, मृत मछलियां और केकड़े जब्त किए गए हैं. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वन्यजीवों को मारने के उद्देश्य से नाले के पानी में जहर मिलाया था. गिरफ्तार आरोपियों में बुगराम पहरिया, अनंतराम पहरिया, मनलाल पहरिया, बिसाम पहरिया, धनु चिड़ा और मधुसरा पहरिया शामिल हैं. सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया.
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कर्मचारी अलर्ट पर
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन ने कहा, ”बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सीमा क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाई गई है. वन विभाग की टीम ड्रोन, पेट्रोलिंग और एंटी पोचिंग कैंपों के माध्यम से लगातार जंगलों पर नजर बनाए हुए है. फरार आरोपियों की तलाश जारी है.”