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Balod Sewerage Hadsa: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सीवरेज पाइपलाइन डालने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। फुटबॉल ग्राउंड के पास निर्माण कार्य के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और 4 मजदूर नाली में दब गए। चारों की जान चली गई। मृतकों में 2 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। घटना भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के सीवरेज लाइन विस्तार प्रोजेक्ट के दौरान हुई, जहां मजदूर करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहे थे।
जानकारी के हिसाब से, बीएसपी के सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के तहत गहरी खुदाई कर पाइप डाले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी भरभराकर धंस गई और गड्ढे में काम कर रहे मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीनों मजदूर लंबे समय से प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मिट्टी हटाकर शवों को बाहर निकाला गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के 10 फीट गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। मौके पर न तो मजबूत बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के कोई विशेष इंतजाम किए गए थे। लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की वजह से तीन मजदूरों की जान चली गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बीएसपी के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य चलाया गया, लेकिन मजदूरों को बचाया नहीं जा सका। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा तकनीकी कारणों से हुआ या सुरक्षा में लापरवाही इसकी वजह बनी। प्रशासन ने पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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