Durg Cylinder Blast: दुर्ग के कुम्हारी में बड़ा हादसा हो गया। एक मकान में सिलेंडर ब्लास्ट से 4 लोग जिंदा जल गए। 2 बहनों, पिता और 1 डेढ़ साल की बच्ची की जान चली गई। खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लगी थी और किचन में रखा सिलेंडर फट गया।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग, फिर जोरदार धमाका
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक मकान में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट होने के कारण मकान में आग लगी थी। आग धीरेःधीरे छत के रास्ते घर के अंदर फैलती हुई किचन तक पहुंच गई। किचन मे रखा गैस सिलेंडर आग की चपेट में आ गया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि आग की लपटों ने पूरे मकान को अपनी गिरफ्त मे ले लिया।
घर में मौजूद चार लोगों की जिंदा जलकर मौत
हादसे के समय घर में अनिल वैष्णव, उनकी दो बेटियां लक्ष्मी और चांदनी मौजूद थीं। इसके अलावा परिवार की डेढ़ साल की मासूम बच्ची भी घर के अंदर थी। सिलेंडर फटने के बाग घर में मौजूद चारों लोग बाहर नहीं निकल सके औऱ जिंदा जल गए। परिजनों के मुताबिक, अनिल वैष्णव की पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की बच्ची घर के अंदर थी, जिसकी भी आग में जलकर मौत हो गई।
कुछ घंटे पहले ही भरवाया था सिलेंडर
परिवार के लोगों ने बताया कि हादसे वाले दिन ही गैस सिलेंडर भरवाकर घर लाया गया था। किसी को अंदाजा नहीं थी कि कुछ घंटों बाद इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। बताया गया कि हादसे के दौरान 17 वर्षीय गौतम अपने दोस्तों के साथ आग बुझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। इसी बीच सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया और हालात बेकाबू हो गए।
सो रहे थे परिवार के सदस्य
हादसे के वक्त घर में मौजूद लोग सो रहे थे। अचानक आग और धमाके के कारण उन्हें संभालने तक का मौका नहीं मिल पाया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा मकान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद मौके से चार जले हुए शव बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
धमाके की आवाज सुनकर जुटे लोग
सिलेंडर ब्लास्ट की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह औऱ SSP विजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके अलावा सांसद विजय बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी घटनास्थल पहुंचे।
मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। वहीं जिला प्रशासन ने 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली के खंभे में स्पार्किंग की शिकायत पहले से की जा रही थी, लेकिन बिजली विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।


