रायगढ़, छत्तीसगढ़ | 26 मार्च 2026
मवेशी तस्करी का पर्दाफाश, समारू यादव गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
“ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस ने मवेशी तस्करी को रोकने के लिए कार्रवाई की। 06 नग कृषक मवेशी मुक्त कराए गए और आरोपी समारू यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह कार्य कुसु यादव के कहने पर किया जा रहा था। फरार मुख्य आरोपी कुसु यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तलाश जारी है।
अटल चौक लैलूंगा में घेराबंदी, मवेशियों के साथ आरोपी पकड़ा गया
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि 06 बैल/बछड़े बिना चारा-पानी के मारपीट के साथ उड़ीसा ले जाए जा रहे हैं। थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में टीम ने अटल चौक लैलूंगा पर घेराबंदी कर 04 बैल और 02 बछड़े के साथ आरोपी को पकड़ा।
जब्ती और सुरक्षा प्रबंध
आरोपी समारू यादव के कब्जे से 06 मवेशी (लगभग ₹53,000 मूल्य) और एक लकड़ी का डंडा बरामद किया गया। मवेशियों को चारा-पानी उपलब्ध कराकर गौशाला में सुपुर्द किया गया।
कानूनी कार्रवाई
थाना लैलूंगा में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 100/2026 दर्ज किया गया। मामला छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत दर्ज किया गया।
पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में लैलूंगा पुलिस ने अहम भूमिका निभाई। थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक रामप्रसाद चौहान और आरक्षक चमरसाय भगत की भी सराहनीय भागीदारी रही।
एसएसपी का सख्त संदेश
शशि मोहन सिंह ने कहा कि “गौवंश की तस्करी करना बंद करें। ऑपरेशन शंखनाद के तहत मवेशी तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
