छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य शुभारंभ

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने किया उद्घाटन

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का शुभारंभ किया। यह आयोजन 3 अप्रैल तक चलेगा और इसमें देशभर के जनजातीय खिलाड़ी नौ खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। खेलों का पहला संस्करण तैराकी और फुटबॉल प्रतियोगिताओं से शुरू हुआ।


मुख्यमंत्री का उद्घाटन समारोह में संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि यह केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने वाला एक बड़ा आंदोलन है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत से अधिक आबादी जनजातीय है और राज्य के हर क्षेत्र में खेल संस्कृति गहराई से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री ने 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 3800 से अधिक खिलाड़ियों का स्वागत किया और कहा कि यह मंच उनकी मेहनत और संकल्प का परिणाम है।


केंद्रीय खेल मंत्री का संदेश

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने आयोजन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि छत्तीसगढ़ को इन खेलों का स्थायी मेजबान बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में बस्तर, सरगुजा और रायपुर जैसे क्षेत्रों में हर साल इस आयोजन का संचालन किया जाएगा।

मांडविया ने कहा कि खेल प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरदराज और जनजातीय इलाकों में भी भरपूर क्षमता मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि SAI के कोच प्रतियोगिता स्थलों पर मौजूद रहेंगे और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेलो इंडिया केंद्रों व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।


खेलों के लाभ और विकास की दिशा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संतुलन और जीवन मूल्यों को सिखाने का जरिया भी हैं। ओलंपियन दीपिका कुमारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने जनजातीय समुदायों के खेलों में योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन खेलों के साथ-साथ पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगा।


पारदर्शिता और भविष्य के लक्ष्य

मांडविया ने खिलाड़ियों के चयन और प्रदर्शन में निष्पक्षता पर जोर दिया। उन्होंने स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल और आगामी खेलो भारत नीति का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य महिलाओं और जनजातीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करना है।

उन्होंने आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के बेहतर प्रदर्शन का विश्वास जताया और 2036 ओलंपिक की मेजबानी, वैश्विक खेल रैंकिंग में शीर्ष 10 में पहुंचने और 2047 तक दुनिया के शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में शामिल होने के लक्ष्य दोहराए।

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