जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ जारी: फिल्मी अंदाज़ में पकड़ा गया गौ तस्कर, 14 गौवंशों को कराया गया मुक्त

By
Advertisement
Advertisement

जशपुर — छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम ‘ऑपरेशन शंखनाद’ प्रभावी ढंग से जारी है। शनिवार 21 जून को लोदाम थाना और मनोरा चौकी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 14 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया। साथ ही एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो अन्य फरार तस्करों की पहचान कर ली गई है।

फिल्मी स्टाइल में पीछा कर पकड़ा आरोपी
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम कांटाबेल में नाकेबंदी कर दी थी। इसी दौरान संदिग्ध बोलेरो वाहन (क्रमांक JH02-9977) को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन चालक तेज रफ्तार से भागने लगा। पुलिस ने वाहन का पीछा किया, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गया। आरोपी वाहन से कूदकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने एक आरोपी खालिद खान (पिता जमाल खान, उम्र 40 वर्ष, निवासी साईं टांगर टोली, थाना लोदाम) को दबोच लिया। वाहन से 6 गौवंशों को सकुशल बरामद किया गया। आरोपी की निशानदेही पर दो अन्य फरार तस्करों को भी चिन्हित किया गया है।

दूसरी कार्रवाई: जंगल रास्ते से ले जाए जा रहे थे गौवंश
एक अन्य कार्रवाई में लोदाम पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग कोनबीरा और साईं टांगर टोली के जंगल मार्ग से गौवंशों को बेरहमी से हांकते हुए झारखंड ले जा रहे हैं। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने देखा कि शंख नदी किनारे 8 गौवंशों को बर्बरता से हांकते हुए ले जाया जा रहा था। पुलिस को देखते ही तस्कर भाग खड़े हुए। हालांकि, सभी गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और पशु चिकित्सक से जांच भी कराई गई।

कानूनी कार्रवाई व टीमें
गिरफ्तार आरोपी खालिद खान के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धाराएं 4, 6, 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ), एवं पशु परिवहन अधिनियम 1962 की धारा 47(A)(C) के तहत केस दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इन दोनों कार्रवाइयों में थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, चौकी प्रभारी मनोरा उप निरीक्षक दिनेश कुमार पुरैना, प्रधान आरक्षक एडवर्ड जेम्स तिर्की, विनोद भगत, आरक्षक धन साय राम, प्रीतम टोप्पो, जग जीवन राम एवं मॉरिश केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसपी का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि तस्करों ने अपने तरीके बदल लिए हैं, लेकिन पुलिस ने भी अपनी रणनीति को और सुदृढ़ किया है। मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर सतत निगरानी रखी जा रही है। ऑपरेशन शंखनाद भविष्य में भी जारी रहेगा।

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *