बड़ी कार्रवाई : “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत गौ-तस्करों पर फिर तगड़ा प्रहार

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स्थान : जशपुर, छत्तीसगढ़

जशपुर पुलिस ने “ऑपरेशन शंखनाद” के अंतर्गत गौ-तस्करी के खिलाफ अभियान को एक बार फिर तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने चार नए प्रकरणों में जप्त 4 वाहनों को राजसात करने के आदेश जारी किए हैं।

अब तक 18 प्रकरणों में कुल 21 वाहनों को राजसात किया जा चुका है। अभियान में 900 से अधिक गौवंशों को तस्करी से बचाया गया। कुल 46 वाहन जप्त, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹4 करोड़। तस्करों को दिया गया जवाब – अब आर्थिक तौर पर भी नहीं बच पाएंगे।

राजसात किए गए प्रमुख वाहन:

(झारखंड व छत्तीसगढ़ पंजीयन वाले वाहनों की बड़ी संख्या)

1. ट्रक – JH01EP/9416

2. पिकअप – JH01EV/4710

3. टाटा सूमो – JH08A/7899

4. स्कार्पियो – CG13C/0918

5. छोटा हाथी – JH01EU/9753
(कुल 21 वाहन – पूरी सूची नीचे संलग्न)

मामले की संक्षिप्त पृष्ठभूमि:

जनवरी 2024 से शुरू हुए “ऑपरेशन शंखनाद” में अब तक कुल 85 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने 123 आरोपियों को गिरफ्तार कर गौ-वंश तस्करी की बड़ी श्रृंखला को ध्वस्त किया है। तस्करी में प्रयुक्त अधिकतर वाहन झारखंड राज्य के पंजीयन वाले पाए गए हैं।

राजसात की प्रक्रिया में वाहन मालिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। अब इन वाहनों की नीलामी कर शासकीय खजाने में राशि जमा कराई जाएगी।

🧾 हाल ही में राजसात किए गए प्रमुख वाहन मालिक:

1. मो. जलालुद्दीन – साईंटांगरटोली (JH01FN-4830)

2. मो. मोगेरह अंसारी – रहमत नगर, सिसई (JH01FM-4170)

3. नन्दू गन्झू – कनाडीह बुर्मू, रांची (JH01EU-9753)

4. कामरान फरास – लपराटोली, गुमला (JH01FE-7395)

एसएसपी का सख्त संदेश:

“गौ-तस्करी में लिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी थाना/चौकी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे अपराधियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करें।”

पुलिस अब पुराने मामलों के फरार तस्करों की भी लगातार गिरफ्तारी कर रही है।
“ऑपरेशन शंखनाद” के जरिए तस्करों की कमर तोड़ने की रणनीति जारी है।

यह कार्रवाई न केवल अपराधियों पर सख्त संदेश है, बल्कि सामाजिक व धार्मिक दृष्टिकोण से भी एक सराहनीय पहल है।

जशपुर पुलिस की इस निर्णायक पहल की चारों ओर सराहना हो रही है।

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