छत्तीसगढ़

विगत 03 दिनों से चले रहे #ClickSafe कार्यक्रम के तीसरे चरण का किया गया समापन

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इस दौरान लगभग प्रशिक्षक सहित 120 वालेंटियर ने अपने अनुभव को साझा किया,

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वालेंटियर को “योद्धा” की संज्ञा दिया गया,

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मास्टर ट्रेनर्स एवं वालेंटियर को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया,

इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग और साइबर खतरों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया,

प्रशिक्षक एवं वालेंटियर द्वारा बाम्हनपुरा के आश्रित ग्राम बस्ता में जाकर ग्रामवासियों को जागरूक किया गया,

कालेज की छात्रा सुश्री तेजल भगत गांव के 25 बच्चों का ग्रुप बनाकर जागरूक कर रही है।

जशपुरनगर । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह के मार्गदर्शन में, पुलिस विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से #ClickSafe कार्यक्रम की शुरुआत विगत 23 जून को कलेक्टोरेट परिसर के मंत्रणा हाॅल में की गई। 03 दिनों तक कार्यक्रम आयोजित होने के पश्चात् आज कार्यक्रम का समापन किया गया।

इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स सहित लगभग 120 वालेंटियर ने सायबर जागरूकता पर अपने अनुभव/जानकारी साझा किये तथा जिले के पुलिस अधि./कर्मचारियों को भी जानकारियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस में पुलिस विभाग के अधि./कर्मचारी को प्रशिक्षित किया गया, दूसरे दिवस में पुलिस और वालेंटियर (योद्धा) को प्रशिक्षित किया गया, तीसरे दिवस में पुलिस और वालेंटियर (योद्धा) मिलकर फील्ड में जाकर जागरूकता अभियान की शुरूआत किया गया। कालेज की छात्रा सुश्री तेजल भगत गांव के 25 बच्चों का ग्रुप बनाकर जागरूक कर रही है।

#ClickSafe कार्यक्रम के तहत् 120 वालेंटियर ने फील्ड विजीट में बाम्हनपुरा के आश्रित ग्राम बस्ता को चुना और वहां जाकर स्थानीय ग्रामीणों से सायबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण बिन्दुओं जैसे- पासवर्ड प्रबंधन, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, आनलाईन खतरों से बचाव पर विस्तृत चर्चा कर सुरक्षित रहने के उपाय बताये गये। इस दौरान रक्षित निरीक्षक श्री अमरजीत खूंटे, एनएसएस के अधिकारीगण, ग्राम सरपंच एवं षिक्षकगण उपस्थित रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने उपस्थित वालेंटियर को “योद्धा” की संज्ञा देकर समाज हित में लगातार कार्य करने हेतु अपील किया गया। यह प्रशिक्षण समाज के भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, इस कार्यक्रम का उद्देष्य हमारे समाज के भविष्य हमारे बच्चों को डिजीटल युग में सुरक्षित रखने के लिये आवष्यक जागरूकता और कौषल प्रदान करना था। पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्यक्रम में यूनिसेफ को सम्मिलित होने पर आभार व्यक्त किया गया, साथ ही सभी प्रषिक्षकों एवं वालेंटियर ने अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा किये, इससे यह अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक हो गया।

सामुहिक प्रयासों से हम सब मिलकर समाज को बेहतर और सुरक्षित बना सकते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष अपील किया गया कि उक्त कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान को अपने समुदाय और परिवारों के बीच अवष्य साझा करें। आपकी जागरूकता से न केवल आपका बल्कि आपके आस-पास के बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। यह कार्यक्रम केवल एक शुरूआत है, हमें इस दिशा में निरंतर कार्य करना होगा ताकि हमारे आने वाली पीढ़ी सायबर खतरों से पूरी तरह सुरक्षित रहे।

उक्त कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शषि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, वाईएलएसी की मास्टर ट्रेनर्स सुश्री सुभ्रा झा, मास्टर ट्रेनर श्री दीपांषु, रक्षित निरीक्षक श्री अमरजीत खूंटे, यूनीसेफ के जिला समन्वयक श्री तेजराम सारथी, शिक्षकगण श्री महेन्द्र राम, श्री अनिल कुमार गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे,

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