
रायगढ़ जिले के ग्राम कुसमुरा में छत्तीसगढ़ में रायगढ़ महिला संघ के दीदियों द्वारा नई चेतना 3.0 (राष्ट्रीय जेंडर अभियान) के उपलक्ष्य में जेंडर रिसोर्स सेंटर (संगवारी केंद्र )का उद्घाटन हर्षोल्लास से किया गया।
इसका उद्देश्य-
जेंडर रिसर्च सेंटर “संगवारी केंद्र” का उद्देश्य समाज में जेंडर समानता और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देना है। यह अभियान महिलाओं, पुरुषों और अन्य सभी लिंगों के बीच सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समानता स्थापित करने के लिए जागरूकता फैलाने और संवेदनशीलता बढ़ाने पर केंद्रित है।
इस अभियान के अंतर्गत:
1. लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना: महिलाओं और अन्य कमजोर समूहों के खिलाफ हिंसा, भेदभाव और असमानता को खत्म करने के लिए सामुदायिक स्तर पर संवाद और सहयोग को प्रोत्साहित करना।
2. सशक्तिकरण: महिलाओं और लैंगिक अल्पसंख्यकों को शिक्षा, रोजगार, और नेतृत्व में समान अवसर प्रदान करना।
3. सामाजिक चेतना: समाज में जेंडर के मुद्दों पर खुली बातचीत और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना, ताकि लैंगिक आधार पर कोई बहाना न बनाया जाए।
4. संविधान और कानून का सम्मान: सभी नागरिकों को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों और समानता की भावना का पालन करने के लिए प्रेरित करना।
5. साझेदारी और सहयोग: सामुदायिक संगठनों, सरकार, और सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर लैंगिक समानता के लक्ष्य को प्राप्त करना।
इस अभियान का संदेश स्पष्ट है: “अभी आगे रुकना नहीं, जहां कोई बहाना नहीं”, अर्थात्, लैंगिक समानता के लिए किसी भी प्रकार का बहाना स्वीकार्य नहीं है। नई चेतना 3.0 समाज को जेंडर संवेदनशील और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस कार्यक्रम में ज़िला अध्यक्ष-निराकार पटेल, कोतरा थाना प्रभारी-त्रिनाथ त्रिपाठी, कुसमुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी-डोली निषाद, अधिवक्ता-हेमलता प्रधान (न्यायिका संस्था से), चंचला साव (BDC), लक्ष्मण प्रसाद नायक (BDC), सनत नायक (कुसमुरा सरपंच), महिला एवं बाल विकास विभाग से चैताली रॉय, पूजा चौहान और विनीता गुप्ता ने बतौर अतिथि इस कार्यक्रम में शिरकत की। बिहान योजना से अविक बासु, फिरोज खान, स्वपनिल जायसवाल ने पहल जताई। सहयोगी संस्था प्रदान से सत्य नारायण बेहेरा, रामआशीष, विद्याधर और संजय पंडा उपस्थित रहकर कार्यक्रम संचालन में मुख्य भूमिका निभाई।
इस आयोजन में 150 महिला सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
1. अतिथियों का स्वागत, ताली और स्वागत गीत के माध्यम से किया गया।
2. अतिथियों द्वारा जेंडर समानता पर संबोधन और प्रेरणा ज्ञापन।
3. जेंडर समानता और न्याय हेतु सभी ने शपथ ली।
4. जेंडर संसाधन केंद्र (संगवारी) का उद्घाटन मुख्य अतिथि निराकार पटेल और त्रिनाथ त्रिपाठी द्वारा किया गया।
5. जेंडर संसाधन केंद्र के कार्यों को बढ़ावा देने हेतु सभी ने साक्ष्य हस्ताक्षर किया।
6. सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री द्वारा ‘नई चेतना 3.0(राष्ट्रीय जेंडर अभियान)’ के वर्चुअल उद्घाटन समारोह में भी भाग लिया।
यह आयोजन जेंडर समानता और न्याय के लिए एक प्रेरणादायक कदम है, जो महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका आने वाला समय में निभाएगा। जैसे कि-लिंग आधारित हिंसा के सभी रूपों के बारे में समाज में जागरूकता बढ़ाना, हिंसा के खिलाफ समुदायों को आवाज उठाने और कार्रवाई की मांग करने के लिए प्रोत्साहित करना, समय पर सहायता के लिए समर्थन प्रणालियों तक पहुंच प्रदान करना और स्थानीय संस्थाओं को निर्णायक रूप से कार्य करने के लिए सशक्त बनाना शामिल है.
इस अभियान का मुख्य आकर्षक बिंदु “एक साथ, एक आवाज़, हिंसा के खिलाफ,” रायगढ़ महिला संघ का नारा रहा।