
पुलिस ने चक्रधरपुर मुक्ति धाम घाट में कर दिया अंतिम संस्कार ,
मामला पोसैता में ट्रेन से गिरने से पटरी पर लहूलुहान पड़े यात्री की रेलवे अस्पताल में मौत का
चक्रधरपुर। पौसेता के पास ट्रेन से गिरकर मौत होने वाले मृतक नवीन भौमिक का शव लेने के लिए उनकी बहन गरीबी और लाचारी की वजह से चक्रधरपुर नहीं पहुंच पाई। उन्होंने पुलिस को अंतिम संस्कार करने के लिए सहमति देने के बाद के बाद रविवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। 72 घंटे इंतजार के बाद चक्रधरपुर जीआरपी के थाना प्रभारी सुहैल खान के नेतृत्व में रविवार को मृतक के शव का विधिविधान पूर्वक चक्रधरपुर मुक्ति धाम श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस अवसर पर थाना के एएसआई बागुन मुनरी, विनोद पाश्वान,संतोष शंख, दशरथ प्रधान शामिल थे।

गौरतलब है कि नवीन भौमिक का 4 अक्टूबर को पौसेता में किसी ट्रेन से गिरने के चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गई थी। मुख्य रुप से छतीसगढ़ के रायपुर के सरोरा वार्ड नंबर 33 के निवासी नवीन भौमिक(46) पिता स्व. निमाईक भौमिक के परिवार में केवल उनकी एक बहन है जिसकी शादी रायपुर में हो चुकी है। उन्होंने नवीन की मौत की खबर मिलने पर पुलिस को उसकी गरीबी और लाचारी की बात बताकर उनके शव ले जाने के लिए सक्षम नहीं होने की बात बताई थी।
आज जीआरपी के थाना प्रभारी सुहैल खान ने मानवता जहर करते हुए रीति रिवाज के साथ शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में पुलिस एक अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस खबर के बाद थाना प्रभारी सुहैल खान की चारों तरफ तारीफ हो रही है। लोगों ने ट्वीट, फोन और यहां तक की जी आर पी थाना पहुंच कर थाना प्रभारी सुहैल खान को तारीफ की तथा इन नेक काम के लिए धन्यवाद दिया।

गौरतलब है की नवीन भौमिक की चक्रधरपुर रेल मंडल के पोसैता स्टेशन के पास किसी ट्रेन से गिर कर चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पोसैता में उसे लहूलुहान हालत में पटरी के पास पड़ा पाया गया। स्टेशन मास्टर की पहल से उसे दुरंतो एक्सप्रेस के चक्रधरपुर लाया गया और चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया था।