रायपुर सुपर ब्रेकिंग | सुप्रीम कोर्ट से DMF घोटाले के मास्टरमाइंड को बड़ी राहत!

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कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत

💥 कोयला लेवी केस में भी राहत बरकरार, कोर्ट ने जमानत रद्द करने से किया इनकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन को हिलाकर रख देने वाले DMF घोटाले में बड़ा मोड़ आया है। घोटाले के केंद्र में रहे कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

कोर्ट ने कहा

> “हम मानते हैं कि याचिकाकर्ता को इस समय अंतरिम ज़मानत दी जा सकती है। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हम दोनों पक्षों की दलीलों का जिक्र नहीं कर रहे हैं।”



इस फैसले के बाद कोयला लेवी मामले में भी सूर्यकांत को राहत बरकरार है।


क्या है DMF घोटाला?

ED की रिपोर्ट और राज्य सरकार की शिकायत पर EOW ने IPC की धारा 120-B और 420 के तहत केस दर्ज किया है।

कोरबा डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (DMF) से बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया।

फर्जी टेंडर, भारी भरकम भुगतान, और बिचौलियों के ज़रिए करोड़ों की बंदरबांट।


कौन-कौन है घोटाले के खेल में शामिल?

ईडी की रिपोर्ट में कई रसूखदार चेहरे शामिल:

संजय शिंदे

अशोक कुमार अग्रवाल

मुकेश कुमार अग्रवाल

ऋषभ सोनी

मनोज कुमार द्विवेदी (बिचौलिया)

रवि शर्मा

अब्दुल

शेखर


इन सभी पर घोटाले की रकम को गोलमाल करने और गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

कैसे हुआ घोटाला?

✔️ टेंडर प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा
✔️ माइनिंग फंड का निजी उपयोग
✔️ फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए भारी भुगतान
✔️ सियासी संरक्षण में भ्रष्टाचार की जड़ें

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