राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो ने भारत में दस सबसे भ्रष्ट विभागों की सूची जारी की है

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एन सी बी ने अपनी सूची में इन भ्रष्ट विभागों में होने वाले भ्रष्टाचार के बिंदुओं को भी दर्शाया है।
सूची में दसवें नंबर पर आयकर एवं जीएसटी विभाग को रखा गया है। एन सी बी के अनुसार इस विभाग में भ्रष्टाचार के मूल बिंदु,छापे से बचने के लिए रिश्वत और फर्जी रिटर्न है।

नौवें स्थान पर शहरी विकास विभाग है, इस विभाग में निविदाओं और निर्माण अनुबंधों में रिश्वत है।
आठवें स्थान पर शिक्षा विभाग है। एन सी बी के अनुसार‌ शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती में और फर्जी कर्मचारी नियुक्ति में व्यापक भ्रष्टाचार है। सातवें स्थान पर सरकारी अस्पताल को रखा गया है। सरकारी अस्पतालों में दवा आपूर्ति और डाक्टरों की अनुपस्थिति को भ्रष्टाचार के मुख्य बिंदु बताया गया है।

छठे स्थान पर परिवहन विभाग है। आरटीओ में लाईसेंस, पंजीकरण, फर्जी फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए रिश्वत भ्रष्टाचार के मुख्य बिंदु है।
पांचवे स्थान पर बिजली बिभाग है, इस विभाग में छेड़छाड़ की गई रीडींग नकली बिल और देरी से मरम्मत भ्रष्टाचार के कारण बताए गए है।

चौथे स्थान पर ग्राम पंचायत और ब्लाक कार्यालय है, इन दोनों स्थानों पर प्रधानमंत्री आवास, पेंसन जैसी कल्याणकारी योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार पाया गया है। तीसरे स्थान पर नगर निगम कार्यालय है, एनसीबी के अनुसार यहाँ, अवैध भवन अनुमोदन, उल्लंघनों की अनदेखी, भ्रष्टाचार के मुख्य बिंदु है।

दूसरे स्थान पर राजस्व विभाग को रखा गया है, जिसके भ्रष्टाचार के मुख्य बिंदु भूमि रजिस्ट्री और दस्तावेज परिवर्तन के लिए रिश्वत लेने को बताया गया है।इस सूची में सबसे ऊपर यानी पहले स्थान पर पुलिस विभाग को रखा गया है,, एनसीबी की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस‌ विभाग में एफ आई आर के लिए रिश्वत, पुलिस द्वारा सड़क किनारे जबरन वसूली, और विवादों में पक्षपात को भ्रष्टाचार के मुख्य बिंदु बताये गए है।

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