कोरोना काल में यूनिवर्सिटी ने खरीदी लाखों की उत्तरपुस्तिकाएं: ऑनलाइन हुई परीक्षाएं, कहां गईं उत्तरपुस्तिकाएं रिकार्ड नहीं, कुलपति बोले-जांच कराएंगे

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सरगुजा यूनिवर्सिटी में उत्तरपुस्तिका खरीदी में गड़बड़ी का आरोप

छत्तीसगढ़ के संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी ने कोरोना काल में भी लाखों उत्तर पुस्तिकाएं एवं पूरक उत्तर पुस्किाओं की खरीदी कर ली, जबकि इस अवधि में परीक्षाएं ऑनलाइन हुईं। यूनिवर्सिटी के पास इन उत्तर पुस्तिकाओं को बांटने का भी रिकार्ड नहीं है और न ही इन्हें।

जानकारी के मुताबिक, कोरोना काल के दौरान शैक्षणिक सत्र 2019-20 एवं 2020-21 में संत गहिरा गुरू यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं ऑनलाइन हुईं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वयं उत्तर पुस्तिकाएं खरीदीं। उत्तर पुस्तिकाएं कर लिफाफे में उत्तर पुस्तिकाएं पोस्ट आफिस के माध्यम से जमा की गई। इस अवधि में यूनिवर्सिटी ने छात्रों को उत्तर पुस्तिका या पूरक उत्तरपुस्तिकाएं नहीं दीं।

कुलपति को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

कुलपति को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

यूनिवर्सिटी ने खरीदी लाखों उत्तरपुस्तिकाएं कोरोनाकाल में भी संत गहिरा गुरू यूनिवर्सिटी ने 5 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और 17 लाख से अधिक पूरक उत्तर पुस्तिकाएं खरीद लीं। आजाद सेवा संघ छात्र संगठन ने आरटीआई के जरिए यह जानकारी निकाली। छात्र संगठन ने मामले की जांच की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम से कुलपति को ज्ञापन सौंपा है।

उत्तर पुस्तिकाएं कहां गईं, रिकार्ड नहीं आजाद सेवा संघ प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने बताया कि, छात्र संगठन ने आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी निकाली है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जब ऑफलाइन परीक्षाएं हुई ही नहीं, तो उत्तर पुस्तिकाएं क्यों खरीदी गईं? विश्वविद्यालय के पास उत्तर पुस्तिकाओं का स्टॉक रजिस्टर भी नहीं है, जिसमें यह दर्ज हो कि, ये उत्तर पुस्तिकाएं कहां गईं और कहां हैं।

छात्र संगठन ने आरोप लगाया है कि उत्तर पुस्तिकाएं खरीदने का प्रमाणित बिल भी नहीं दिया गया है, जिससे पता चल सके कि ये उत्तर पुस्तिकाएं कितनी राशि में खरीदी गईं।

छात्र संगठन ने लाखों की गड़बडी का लगाया आरोप

छात्र संगठन ने लाखों की गड़बडी का लगाया आरोप

लाखों की गड़बड़ी की आशंका यूनिवर्सिटी में जिन उत्तरपुस्तिओं को खरीदा गया है, उनमें 16 पेज के उत्तरपुस्तिकाएं थोक में 4 से पांच रुपये तक की हैं। यह कीमत कागज की क्वालिटी पर निर्भर है। वहीं पूरक उत्तर पुस्तिकाएं एक से डेढ़ रुपये कीमत में थोक में मिलती हैं। इससे स्पष्ट है कि यूनिवर्सिटी ने इसमें 40 लाख से अधिक रुपये खर्च करना बताया है।

कुलपति बोले-कमेटी बना जाएंगे कराएंगे संत गहिरा गुरू यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रेमप्रकाश सिंह ने कहा कि, इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उत्तर पुस्तिाएं कहां गईं या यूनिवर्सिटी ने सिर्फ बिल ही लिया, इसकी भी जांच होगी।

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