इस्तीफा स्वीकार होने के बाद भी जारी हुआ ट्रांसफर आदेश, जिला सहकारी बैंक में घोर अनियमितता की शिकायत

By
Advertisement
Advertisement

अंबिकापुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर में एक गंभीर प्रशासनिक अनियमितता का मामला सामने आया है। अधिवक्ता जयदीप वर्मा (जिला एवं सत्र न्यायालय, कोरिया) ने छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता मंत्री के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर आरोप लगाया है कि बैंक की एक कर्मचारी का इस्तीफा विधिवत स्वीकार किए जाने के बावजूद बाद में उनका स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया।

शिकायत के अनुसार, बैंक की कर्मचारी श्रीमती पदमिनी जैन का इस्तीफा 20 मार्च 2021 को बैंक बोर्ड की स्वीकृति एवं तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के आदेश के माध्यम से स्वीकार कर लिया गया था। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद सेवा संबंध स्वतः समाप्त हो जाता है, इसके बावजूद 8 सितंबर 2021 को स्थापना शाखा द्वारा उनका स्थानांतरण आदेश जारी किया जाना सेवा नियमों और स्थापित विधिक सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है।

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के पुनः आदेश जारी करना प्रथम दृष्टया शून्य एवं अवैध प्रतीत होता है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थापना शाखा द्वारा सेवा अभिलेखों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया और घोर लापरवाही बरती गई।
मामले में यह भी आरोप है कि स्थापना शाखा में कुछ कर्मचारी पिछले लगभग 15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। शिकायतकर्ता ने कुसमी, शंकरगढ़, रामानुजगंज सहित अन्य शाखाओं में समय-समय पर हुई प्रशासनिक एवं आर्थिक अनियमितताओं में उनकी भूमिका की जांच की मांग की है। आरोप है कि बैंक को लगभग 80 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

इस संबंध में कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता, अंबिकापुर (सरगुजा) द्वारा 10 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर शिकायत की बिंदुवार जांच के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक सैनाथ केरकेट्टा एवं सहकारी निरीक्षक किरण भगत को 15 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है। उक्त पत्र की प्रति जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।

शिकायतकर्ता ने मामले की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो प्रकरण को सक्षम न्यायिक मंच के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और सहकारिता विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *