धरमजयगढ़़। धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत नागदरहा अंतर्गत आश्रित ग्राम बारूखोल की प्राथमिक शाला में जो चल रहा है, वह केवल लापरवाही नहीं—बल्कि खुलेआम शिक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने का मामला है। यहां पदस्थ प्रधान पाठक देव कुमार महंत लंबे समय से बिना सूचना, बिना डर और बिना जिम्मेदारी के शाला से नदारद हैं, और मासूम बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान पाठक महीनों से स्कूल नहीं आ रहे। बच्चों की पढ़ाई ठप है, अभिभावक आक्रोशित हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। जब मीडिया टीम ने मौके पर पहुंचकर सच्चाई जानी, तो हालात और भी शर्मनाक निकले। स्कूल का भवन जर्जर है, इसलिए पढ़ाई गांव के एक कच्चे मकान में हो रही है। यानी न भवन, न शिक्षक—फिर भी कागजों में सब “ठीक”! वहीं प्रधान पाठक मौके पर अनुपस्थित मिले। वहीं उसी विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षक लल्लू सिंह नाग ने भी साफ माना कि प्रधान पाठक लंबे समय से शाला नहीं आ रहे हैं। सवाल उठता है—जब शिक्षक ही स्वीकार कर रहे हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
बता दें,मामला यहीं नहीं रुका। पत्रकार रोहित तिर्की द्वारा फोन पर जब प्रधान पाठक से उनकी अनुपस्थिति पर सवाल किया गया, तो उनका जवाब अहंकार और दबंगई की पराकाष्ठाथा। उन्होंने कहा “गांव वाले जब से बोल रहे हैं कि मैं अनुपस्थित हूं, तब से अनुपस्थित हूं। और जब यह बताया गया कि शाला समिति के अध्यक्ष की पत्नी सहित ग्रामीण कह रहे हैं कि वे लगभग तीन महीनों से स्कूल नहीं आए हैं, तथा बीईओ, डीईओ और कलेक्टर से शिकायत की जा सकती है, तो प्रधान पाठक का जवाब था“क्या उखाड़ लेंगे मेरा।”
लेकिन वहीं यह बयान किसी आम व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक शासकीय प्रधान पाठक का है। सवाल सीधा है,क्या अब शिक्षा विभाग का कोई डर नहीं? क्या नियम-कानून सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? हालांकि, जब यह मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी एस.के. सिदार के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने बताया कि प्रकरण पहले से संज्ञान में है और 17 फरवरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है नोटिस से क्या होगा, जब हौसले इतने बुलंद हों?अगर ऐसे ही शिक्षक बच्चों का भविष्य रौंदते रहे और विभाग मूकदर्शक बना रहा, तो फिर ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर उतरना तय है। शिक्षा व्यवस्था की यह खुली पोल अब जवाब मांग रही है,और जवाब सिर्फ नोटिस नहीं सख्त कार्रवाई से ही मिलेगा।
