मरवाही (जीपीएम)।
तालाबों में बिना अनुमति मछली पकड़ने से जल स्रोत प्रभावित, ग्रामीणों को नहाने-धोने में हो रही परेशानी
नगर पंचायत मरवाही क्षेत्र के तालाबों में अवैध मछली शिकार का मामला सामने आया है। बिना अनुमति मछली पकड़ने की गतिविधियों के चलते तालाबों का पानी दूषित हो रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के सामने नहाने-धोने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

ढोलिया तालाब सहित कई जलस्रोतों में अवैध शिकार की शिकायत, उपाध्यक्ष ने CMO को लिखा पत्र
ताजा मामला वार्ड क्रमांक 14 कुम्हारी के ढोलिया तालाब का है। नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने 12 मई 2026 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि ढोलिया तालाब में रोजाना बिना अनुमति मछली निकाली जा रही है। इसके लिए जाल, दवा और अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे तालाब का पानी पूरी तरह दूषित हो गया है।

नगर पंचायत क्षेत्र के कई अन्य तालाब भी अवैध शिकार की चपेट में
उपाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि समस्या केवल ढोलिया तालाब तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर पंचायत क्षेत्र के कई अन्य तालाबों में भी अवैध रूप से मछली शिकार किया जा रहा है। इससे जल स्रोतों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और गर्मी के मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
तालाबों की सुरक्षा और निगरानी की मांग, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील
नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने मांग की है कि सभी तालाबों में अवैध मछली शिकार तत्काल प्रभाव से रोका जाए। साथ ही दोषियों को चिन्हित कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए और तालाबों की सुरक्षा के लिए निगरानी दल या चौकीदार की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, दूषित पानी से बढ़ी स्वास्थ्य समस्याएं
कुम्हारी वार्ड के निवासी रामकुमार ने बताया कि तालाब का पानी ही नहाने-धोने के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन अब पानी गंदा होने से खुजली और एलर्जी जैसी समस्याएं हो रही हैं। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि घरों में पानी की कमी के कारण वे पूरी तरह तालाब पर निर्भर हैं।
नगर पंचायत अधिनियम के बावजूद जारी है अवैध गतिविधियां
नगर पंचायत अधिनियम के तहत बिना अनुमति सार्वजनिक तालाबों में मछली पकड़ना अपराध है, इसके बावजूद मरवाही क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शिकार की शिकायतें मिल रही हैं। नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मामला जिला प्रशासन तक ले जाया जाएगा।


