बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम मटिया में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाया गया था। वहां माहौल उस समय गरमा गया, जब कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग अधिकारियों की कार्यशैली पर भड़क उठे। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों की शिकायतों और लंबित आवेदनों के निराकरण में लापरवाही को लेकर सांसद ने मंच से ही जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
सांसद भोजराज नाग ने विशेष रूप से पीएचई के ईई और गुंडरदेही एसडीएम को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन कई अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शिविर में प्राप्त शिकायत आवेदनों के निराकरण में लापरवाही और ग्रामीणों को गुमराह किए जाने की बात सामने आने पर सांसद का गुस्सा फूट पड़ा।
।
पीएचई विभाग के ईई को हड़काया
उन्होंने पीएचई विभाग के ईई से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि जब समस्याओं का समाधान नहीं करना था तो शिविर लगाने का क्या मतलब है? सांसद ने मंच से अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान नाराज सांसद ने तीखी टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि ऐसे अधिकारियों को उल्टा लटका देना चाहिए, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
लंबित आवेदनों को जल्द निराकरण करने के दिए निर्देश
सांसद भोजराज नाग ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी लंबित आवेदनों का जल्द निराकरण किया जाए और जनता को गुमराह करने की प्रवृत्ति बंद हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार को सफल बनाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने भी पेयजल, मूलभूत सुविधाओं और प्रशासनिक उदासीनता से जुड़ी समस्याएं उठाईं। सांसद के सख्त रुख के बाद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
