गोलियों और बमों की जगह जमीन से निकल रहा पानी, ऐसे बदली नेलांगुर की तस्वीर, कभी खौफ का था साम्राज्य

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नारायणपुर: माओवाद के बस्तर से पैर उखड़ते ही बदलाव की तस्वीर गांवों में दिखाई देने लगी है. महाराष्ट्र के बार्डर एरिया से लगे नेलांगुर में कभी माओवादियों की तूती बोलती थी. कदम-कदम पर माओवादियों ने यहां जमीन के नीचे मौत बिछा रखी थी. शाम होते ही खौफ का साम्राज्य यहां कायम हो जाता था. गोलियों और बमों के धमाकों से दहशत हो जाती थी. लोग घरों से बाहर नहीं निकलते थे. लेकिन अब उसी नेलांगुर की तस्वीर तेजी से बदलने लगी है.

गोलियों-बमों की जगह जमीन से निकल रहा पानी

ओरछा ब्लॉक में आने वाले नेलांगुर गांव में घर-घर जल जीवन मिशन का पानी पहुंचने लगा है. ओरछा ब्लॉक से करीब 52 किमी दूर नेलांगुर गांव में पीने का साफ पानी सप्लाई हो रहा है. पहले गांव के लोग पीने के साफ पानी के लिए दिन भर भटकते थे. कभी झिरिया तो कभी नदी का पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते थे. कई बार तो बारिश के दिनों में पानी जनित बीमारियों के लोग शिकार भी हो जाते. लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है. गांव में पीने का साफ पानी आने लगा है. अबूझमाड़ जैसे जगहों में बुनियादी सुविधाओं का इजाफा ये बताता है कि अब नक्सलवाद और लाल हिंसा बीते दिनों की बात हो चुकी है.

महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है. सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है: नम्रता जैन, कलेक्टर, नारायणपुर

जिला मुख्यालय से 52 किमी दूर है नेलांगुर गांव

कलेक्टर ने बताया कि जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है. विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है. गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है. गांव के लोग भी ये समझने लगे हैं कि माओवादियों की वजह से वो दशकों तक अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं से महरूम रहे हैं.

दशकों तक माओवादी विकास की राह में बने रहे रोड़ा

जिला प्रशासन ने भी कहा है कि बस्तर के सभी गांवों तक बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाना सरकार का एकमात्र लक्ष्य है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, लगातार इसपर काम भी चल रहा है. जिला प्रशासन का कहना है, नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है.

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