17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, विद्यार्थियों को विकसित भारत-2047 की संकल्पना से जोड़ने की पहल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के शासकीय और निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से अभियान को लेकर विस्तृत कार्ययोजना जारी की गई है। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित होगा।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, सेवा भावना, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करना है। साथ ही विद्यार्थियों को ‘विकसित भारत-2047’ की परिकल्पना से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
17 सितंबर को होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम
अभियान के पहले दिन जिले के विद्यालयों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी विद्यालयों को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की फोटो और वीडियो तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयों को इन गतिविधियों को Facebook, X, Instagram और WhatsApp सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान के साथ साझा करने के लिए भी कहा गया है।
‘मेरे सपनों का भारत’ में दिखेगी विद्यार्थियों की कल्पना
अभियान के तहत विद्यार्थियों के लिए ‘मेरे सपनों का भारत–चित्र सेवा’ के अंतर्गत चित्रांकन और भाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थी अपने सपनों के भारत की कल्पना को चित्रों और भाषण के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
प्रतियोगिताओं के लिए विकसित भारत, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल भारत, आत्मनिर्भर भारत, विज्ञान एवं तकनीक, खेल, महिला सशक्तिकरण, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषय निर्धारित किए गए हैं।
शत-प्रतिशत विद्यालयों में गतिविधियां कराने का लक्ष्य
कार्ययोजना के तहत जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में अभियान की गतिविधियां आयोजित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ प्रत्येक विद्यालय से उत्कृष्ट प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
इसके बाद विकासखंड स्तर पर चयनित उत्कृष्ट चित्रों और भाषण प्रतिभागियों को जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
विद्यालयों में लगाई जाएगी विद्यार्थियों के कार्यों की प्रदर्शनी
अभियान के दौरान विद्यार्थियों की कलात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों की प्रदर्शनी भी विद्यालय स्तर पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गतिविधियों की फोटो, वीडियो और आवश्यक अभिलेख तैयार करने को कहा गया है, ताकि अभियान के तहत किए गए कार्यों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
अधिकारियों और शिक्षकों को सौंपी गई जिम्मेदारी
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अभियान के सफल संचालन के लिए जिले के तीनों विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, स्रोत समन्वयकों, प्राचार्यों, संकुल शैक्षिक समन्वयकों और प्रधानपाठकों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। निर्धारित समय-सीमा में गतिविधियां आयोजित कर उनकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम के संचालन के लिए कुछ प्राचार्यों और उल्लास के नोडल अधिकारियों मुकेश कोरी एवं आलोक शुक्ला सहित अन्य शिक्षकों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
रचनात्मकता को राष्ट्र निर्माण की सोच से जोड़ने की पहल
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, रचनात्मक क्षमता और अभिव्यक्ति को मंच देने के साथ उन्हें विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के दौरान विभिन्न गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में सेवा, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने पर जोर रहेगा।




