जैमुरा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाजजनों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन, ‘सतनाम संदेश’ पत्रिका का हुआ वितरण
रायगढ़/खरसिया। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज खरसिया ब्लॉक के महासचिव एवं शिक्षक मनीराम सोनी की माताजी श्रीमती हीरामती सोनी के निधन के उपरांत गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को उनके गृह ग्राम जैमुरा में दसकर्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। 9 सितंबर को हुए उनके निधन के बाद से परिवार सहित समाज और क्षेत्र में शोक का माहौल है।
दसकर्म कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिजन, समाज के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीणजन शामिल हुए। उपस्थितजनों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मां के संस्कारों का जीवन में विशेष महत्व : राकेश नारायण बंजारे
श्रद्धांजलि सभा में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश प्रवक्ता (साहित्य प्रकोष्ठ) राकेश नारायण बंजारे ने दिवंगत हीरामती सोनी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मां का स्थान संतान के जीवन में सर्वोच्च होता है। मां केवल जन्म ही नहीं देती, बल्कि संस्कार, शिक्षा और जीवन मूल्यों के माध्यम से संतान के व्यक्तित्व का निर्माण करती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक और सामाजिक दायित्वों के प्रति समर्पित मनीराम सोनी के व्यक्तित्व निर्माण में उनकी माताजी के संस्कारों और योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को नमन किया।
मां का साया उठना अपूरणीय क्षति : डॉ. भोजराम दीपक
समाज के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक डॉ. भोजराम दीपक ने कहा कि मां का साया सिर से उठ जाना जीवन की ऐसी पीड़ा है, जिसकी भरपाई संभव नहीं होती। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल मिलने की कामना की।
समाजजनों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
पूर्व अध्यक्ष रामाधार बंजारे, महासचिव (युवा प्रकोष्ठ) लोचन बंजारे, जिला कार्यकारिणी सदस्य सदानंद बंजारे, आजीवन सदस्य भेख राम खड़बंधे सहित अन्य समाजजनों और पदाधिकारियों ने भी दिवंगत हीरामती सोनी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने कहा कि समाज को संस्कारवान और योग्य व्यक्तित्व देने में माता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
श्रद्धांजलि सभा में ‘सतनाम संदेश’ पत्रिका का वितरण
कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश प्रवक्ता (साहित्य प्रकोष्ठ) एवं ‘सतनाम संदेश’ संपादक मंडल के सदस्य राकेश नारायण बंजारे ने उपस्थित समाजजनों के बीच पत्रिका की प्रतियां वितरित कीं। उन्होंने समाजजनों से पत्रिका का नियमित अध्ययन करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यक्रम केवल आपसी मेल-मिलाप और सहभागिता का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए समाज की विचारधारा, संस्कृति, इतिहास और साहित्य को भी लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
साहित्य को सामाजिक जागरूकता का आधार बताया
राकेश नारायण बंजारे ने कहा कि ‘सतनाम संदेश’ जैसी पत्रिकाएं समाज के महापुरुषों के विचारों, सतनाम संस्कृति, सामाजिक गतिविधियों और साहित्य को लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने समाज के परिवारों से ऐसी पत्रिकाओं का अध्ययन करने तथा बच्चों और युवाओं को समाज के इतिहास, संस्कृति एवं महापुरुषों के विचारों से जोड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत से वैचारिक जागरूकता बढ़ती है और साहित्य सामाजिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम बनता है।
मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने मौन धारण किया। सभी ने परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में राकेश नारायण बंजारे, डॉ. भोजराम दीपक, रामाधार बंजारे, भेख राम खड़बंधे, सदानंद बंजारे, लोचन बंजारे सहित समाज के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीणजन और बड़ी संख्या में परिजन उपस्थित रहे।




