आदिवासी अस्मिता और गौरव के प्रतीक को नमन—बुद्धिजीवियों और समाजजनों ने एकजुट होकर दी श्रद्धांजलि
रायगढ़, 21 मार्च। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, रायगढ़ द्वारा महान आदिवासी नेता एवं “मरांग गोमके” के रूप में विख्यात जयपाल सिंह मुंडा की 56वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बोईरदादर स्थित जिला कार्यालय मिंज छत्तीसगढ़िया फेब्रिकेशन परिसर में आयोजित हुआ।

छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि—समाज के लोगों ने पुष्प अर्पित कर किया स्मरण
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं समाजजनों ने जयपाल सिंह मुंडा जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके पश्चात सभी उपस्थित साथियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों एवं योगदान को स्मरण किया।

बुद्धिजीवियों और समाज के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति—एकता और सामाजिक चेतना का संदेश
इस अवसर पर आदिवासी समाज एवं मूलनिवासी समाज के अनेक बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जयपाल सिंह मुंडा जी के संघर्ष, नेतृत्व और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

सामाजिक जागरूकता और पहचान को सशक्त करने का आह्वान—“जय जोहार” के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में समाज की एकता, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया। “जय जोहार” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें समाज के प्रति समर्पण और जागरूकता का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।

