आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई राजनीति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ जारी किए जाने के कुछ ही घंटों बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी जवाबी दस्तावेज जारी कर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए सवाल
टीएमसी ने भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी का आरोप है कि भाजपा चुनावी राज्यों में ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है और अहम मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
वरिष्ठ नेताओं ने की संयुक्त प्रेस वार्ता
टीएमसी नेताओं ब्रत्य बसु, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने संयुक्त प्रेस वार्ता में भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
मणिपुर हिंसा का किया उल्लेख
महुआ मोइत्रा ने कहा कि जब अमित शाह महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं, तो उन्हें पहले भाजपा शासित राज्यों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
अमित शाह के आरोप क्या थे
इससे पहले अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के 15 साल के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए राज्य को “घुसपैठ, तुष्टीकरण की राजनीति और सीमा असुरक्षा का गलियारा” बताया था। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अहम चुनाव बताया।
टीएमसी का जवाब: जिम्मेदारी केंद्र की
इन आरोपों को खारिज करते हुए ब्रत्य बसु ने कहा कि सीमा सुरक्षा केंद्र सरकार के अधीन है, ऐसे में अवैध घुसपैठ रोकने में विफलता की जिम्मेदारी भी केंद्र की ही है।
चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय पर भी सवाल
टीएमसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन की प्रक्रिया में अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।
राजनीतिक लाभ के आरोप
टीएमसी ने आरोप लगाया कि भाजपा घुसपैठ के मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है और पश्चिम बंगाल में सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देना चाहती है।
