टिमरलगा अवैध खनन मामला: कार्रवाई के बाद भी जारी खनन, प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल

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संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद फिर शुरू हुआ खनन, ग्रामीणों और सूत्रों ने लगाए गंभीर आरोप

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। 16 मार्च 2026 को एसडीएम, तहसीलदार और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े अवैध खनन स्थल पर कार्रवाई करते हुए कई मशीनों और वाहनों पर कार्रवाई की थी। उस समय प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख का संदेश दिया था।

हालांकि, स्थानीय सूत्रों और क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद उसी क्षेत्र में फिर से अवैध खनन शुरू हो गया। आरोप है कि जिन वाहनों पर कार्रवाई की गई थी, वे दोबारा खनन कार्य में लगे दिखाई दिए।

 

कार्रवाई के बावजूद खनन जारी रहने पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की थी तो अवैध खनन दोबारा कैसे शुरू हो गया। लोगों का आरोप है कि खनन क्षेत्र, खनन की मात्रा और राजस्व क्षति की विस्तृत जांच नहीं की गई। इससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अधिकारियों और खनन कारोबारी की कथित मिलीभगत के आरोप

कुछ स्थानीय सूत्रों ने आरोप लगाया है कि अवैध खनन से जुड़े लोगों और कुछ अधिकारियों के बीच मिलीभगत के कारण कार्रवाई का अपेक्षित असर नहीं दिखा। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विभाग को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा

क्षेत्र के लोगों का दावा है कि खनिज विभाग के अधिकारियों को कई बार व्हाट्सएप और मौखिक रूप से अवैध खनन की सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

नई कलेक्टर से लोगों को उम्मीद

टिमरलगा अवैध खनन मामले को लेकर अब लोगों की निगाहें जिले की नई कलेक्टर पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि अवैध खनन पर रोक लगे और प्रशासन पर जनता का भरोसा कायम रह सके।

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