कवर्धा में 12.50 लाख की चोरी का खुलासा, पिता-पुत्र गिरफ्तार; 11.53 लाख रुपये बरामद

मझगांव में घर से रकम चोरी का मामला, गणेश चतुर्थी की भीड़ के दौरान वारदात को अंजाम देने का पुलिस का दावा

कवर्धा। सिटी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मझगांव में घर से 12.50 लाख रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की रकम में से 11 लाख 53 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक मामले की जांच साइबर थाना और सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सुरागों और मैदानी स्तर पर की गई पतासाजी के आधार पर की।

शाम के समय घर में घुसकर चोरी का आरोप

पुलिस के अनुसार मझगांव निवासी हीरालाल साहू ने 24 सितंबर 2026 को सिटी कोतवाली में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 15 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति घर में दाखिल हुआ और आलमारी में रखे करीब 12.50 लाख रुपये लेकर फरार हो गया।

पुलिस को बताया गया कि हीरालाल ट्रांसपोर्ट, मटेरियल सप्लाई और कृषि संबंधी कार्यों से जुड़े हैं, जिसके चलते उनके पास बड़ी रकम का लेन-देन रहता था। घटना के दौरान परिवार के सदस्यों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को घर से निकलते देखा था, जिसने चेहरे को गमछे से ढक रखा था।

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के आसपास शराब की शीशी, कुएं से एक पर्स और गली में पड़ा खाली बैग भी मिला। पड़ोसी के मकान की छत से घर में प्रवेश किए जाने की आशंका भी सामने आई।

तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध तक पहुंची पुलिस

मामले में सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 415/2026 के तहत BNS की धारा 305(ए) और 331(3) में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देश पर साइबर थाना और सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया। मैदानी स्तर पर भी लगातार जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस का संदेह मझगांव निवासी कमलेश पटेल (19) पर गया।

गणेश चतुर्थी की भीड़ का फायदा उठाने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार पूछताछ में कमलेश ने बताया कि 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी के कारण गांव के कई लोग गणेश पंडाल में व्यस्त थे। इसी दौरान वह शाम करीब 5:30 बजे अपने पुराने मकान में पहुंचा और अंधेरा होने का इंतजार किया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी का पुराना मकान शिकायतकर्ता के घर से जुड़ा हुआ था। अंधेरा होने के बाद वह छत के रास्ते शिकायतकर्ता के मकान की छत पर पहुंचा और वहां से कमरे में दाखिल हुआ।

आरोप है कि कमरे में लगे बल्ब को निकालने के बाद उसने आलमारी की तलाशी ली। दराज में रकम नहीं मिलने पर लॉकर खोला और उसमें रखे 500, 200 और 100 रुपये के नोटों के बंडल तथा एक पर्स निकाल लिया।

पुराने मकान में छिपाई रकम, बाद में पिता को दी जानकारी

पुलिस के अनुसार कमलेश ने कथित रूप से चोरी की रकम को गमछे में बांधा और अपने पुराने मकान में ले गया। इसके बाद रकम को एक कार्टून में रखकर पुराने मकान की दूसरी मंजिल के कमरे के छज्जे में छिपा दिया।

पुलिस का कहना है कि अगले दिन कमलेश ने चोरी की जानकारी अपने पिता भागवत पटेल (50) को दी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर रकम को पुराने मकान से निकालकर नए मकान में रख दिया।

रकम छिपाने में पिता की भूमिका का आरोप

जांच के दौरान पुलिस के अनुसार भागवत पटेल को चोरी की रकम की जानकारी होने की बात सामने आई। पूछताछ में कथित तौर पर बताया गया कि कुछ समय तक रकम पुराने मकान में रखने के बाद उसे खेत में बने बोर के कमरे में रखा गया था।

बारिश के दौरान रकम को वहां से वापस लाकर घर की आलमारी में रखने की बात भी पुलिस ने बताई है। पुलिस का दावा है कि चोरी की रकम को अलग-अलग स्थानों पर छिपाने में भागवत की भूमिका सामने आई।

11.53 लाख रुपये बरामद

पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से 11 लाख 53 हजार रुपये बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार चोरी की रकम में से करीब 47 हजार रुपये खाने-पीने और अन्य खर्चों में इस्तेमाल किए गए। वहीं भागवत के हिस्से से करीब 50 हजार रुपये वाहन की मरम्मत और पार्ट्स खरीदने में खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद रकम को पुलिस ने जब्त कर लिया है।

29 सितंबर को दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सुराग और मैदानी जांच के आधार पर कमलेश पटेल और भागवत पटेल तक पहुंच बनाई गई। दोनों को 29 सितंबर 2026 को उनके मकान से गिरफ्तार किया गया।

दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

संयुक्त पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

मामले के खुलासे में साइबर थाना और सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम की भूमिका रही। टीम ने तकनीकी संसाधनों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूछताछ से प्राप्त जानकारी को जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया।

कार्रवाई में सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक सुरेश जायसवाल, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर, सहायक उपनिरीक्षक चंद्रकांत तिवारी, आशीष सिंह, आरक्षक अमित ठाकुर, अजय वैष्णव और गज्जू राजपूत सहित संयुक्त पुलिस टीम की भूमिका बताई गई है।

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