बिलासपुर। साइबर ठगों ने सीपत रोड निवासी 68 वर्षीय रिटायर्ड बुजुर्ग को कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसाकर करीब 35 लाख रुपए ठगने की तैयारी कर ली थी। ठगों ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। हालांकि, ऐन वक्त पर बुजुर्ग के एक मित्र की सजगता और एसएसपी रजनेश सिंह की त्वरित कार्रवाई से उनकी जीवनभर की कमाई सुरक्षित बच गई।
खुद को IPS अधिकारी बताकर बनाया दबाव
पुलिस के अनुसार साइबर ठग ने बुजुर्ग को फोन कर अपनी पहचान “सुनील कुमार गौतम, आईपीएस (बाराबंकी/मुंबई)” के रूप में बताई। इसके बाद बुजुर्ग पर मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े मामले में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया गया और जेल भेजने का डर दिखाकर दबाव बनाया गया।
अलग-अलग खातों की रकम एक खाते में कराई ट्रांसफर
ठगों के दबाव में बुजुर्ग ने अलग-अलग बैंक खातों में जमा अपनी रकम को एक ही बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया। इस खाते में करीब 35 लाख रुपए जमा हो गए थे।
साइबर ठग इसके बाद वीडियो मीटिंग के माध्यम से उक्त खाते से पूरी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराने की तैयारी में थे।
दोस्त की एक कॉल से बदल गया पूरा घटनाक्रम
जब बुजुर्ग साइबर ठगों के निर्देशों का पालन करते हुए पैसे जुटा रहे थे, तब उनके एक मित्र को मामले में कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल एसएसपी रजनेश सिंह को फोन कर पूरी जानकारी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत सरकंडा थाना पुलिस को मौके पर भेजा। पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की तो उनके साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।
समय रहते रुकी वीडियो कॉल, 35 लाख सुरक्षित
पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए वीडियो कॉल रुकवाई और संबंधित बैंक खाते के ट्रांजैक्शन पर रोक लगवाने की कार्रवाई की। इससे खाते में मौजूद करीब 35 लाख रुपए ठगों के हाथ लगने से बच गए।
NCCRP पर दर्ज हुई शिकायत
मामले को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर दर्ज कराया गया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की पहचान और तलाश में जुटी है।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि पुलिस, CBI, ED या RBI किसी व्यक्ति को फोन अथवा वीडियो कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल कॉल काटें और नजदीकी पुलिस थाने अथवा साइबर अपराध से संबंधित आधिकारिक माध्यम पर शिकायत करें।
रिपोर्टर: अभिषेक कुमार पाण्डेय
बिलासपुर, छत्तीसगढ़




