पंडवानी, कथक और कुचिपुड़ी से सजेगी चक्रधर समारोह की दूसरी शाम

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तरुणा साहू की पंडवानी, निशित गंगानी का तबला और राजस्थानी लोककला बनेगी आकर्षण

वृंदावन के माधवरस बैंड के भजनों से भक्तिमय होगा समारोह स्थल

रायगढ़, 14 सितंबर 2026। महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और रायगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह की दूसरी शाम भी विविध कलाओं से सराबोर रहने वाली है। 15 सितंबर को रामलीला मैदान में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए कलाकार संगीत, नृत्य, लोककला और भक्ति संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

अनुष्का सुल्तानिया पेश करेंगी कथक

समारोह की दूसरी शाम रायपुर की कथक कलाकार अनुष्का सुल्तानिया शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति देंगी। कथक की लय, भाव-भंगिमा और पारंपरिक नृत्य शैली के जरिए वे दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराएंगी।

पंडवानी में दिखेगी लोक परंपरा की झलक

रायपुर की तरुणा साहू एवं ग्रुप द्वारा पंडवानी की प्रस्तुति दी जाएगी। लोकगायन, कथा-वाचन और अभिनय के समन्वय वाली पंडवानी प्रस्तुति समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपरा का रंग बिखेरेगी।

कुचिपुड़ी और तबला वादन का होगा संगम

दिल्ली की टी. लक्ष्मी रेड्डी कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं दिल्ली के निशित गंगानी अपने तबला वादन से सुर और ताल की आकर्षक प्रस्तुति देंगे। शास्त्रीय नृत्य और वादन की ये प्रस्तुतियां समारोह की सांगीतिक गरिमा को और बढ़ाएंगी।

राजस्थानी लोककला भी रहेगी खास आकर्षण

राजस्थान के बाड़मेर की स्टार्क सोसाइटी की ओर से राजस्थानी लोक प्रस्तुति दी जाएगी। इस प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को राजस्थान की लोक परंपरा, संगीत और संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।

माधवरस बैंड के भजनों से भक्तिमय होगा माहौल

दूसरे दिन की शाम का एक प्रमुख आकर्षण वृंदावन के माधवरस बैंड का भजन गायन होगा। भक्ति संगीत की प्रस्तुतियों से समारोह स्थल का वातावरण भक्तिरस में डूबा नजर आएगा।

14 से 23 सितंबर तक चल रहे इस दस दिवसीय समारोह में लगातार अलग-अलग विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और महाराजा चक्रधर सिंह की कला परंपरा को व्यापक मंच प्रदान करना है।

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