मनामा, 10 मार्च 2026: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब और गंभीर रूप ले रहा है। बीते दिन मनामा में एक मिसाइल हमले की खबर सामने आई है। इस हमले में ईरान को जिम्मेदार बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, हमले में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां घटना की जांच में जुटी हैं और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पिछली घटनाओं का संदर्भ: तुर्की और ईरान का तनाव
पश्चिम एशिया में तनाव का नया मोड़ तब आया, जब तुर्की ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्यसागर में मार गिराया। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा और आम नागरिकों के लिए खतरे वाले कदमों से बचा जाए। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि तुर्की की सुरक्षा को किसी भी खतरे के सामने समझौता नहीं किया जाएगा।
इस बीच तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। यहां छह F-16 लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं। तुर्की का कहना है कि यह कदम इलाके की सुरक्षा को मजबूत करने और संभावित हमलों से बचाव के लिए उठाया गया।
ग्रीस ने भी बढ़ाई सुरक्षा
सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए ग्रीस ने दक्षिणी साइप्रस में भी सैन्य तैनाती की है। ग्रीस ने पाफोस एयर बेस पर चार F-16 फाइटर जेट तैनात किए हैं। 4 मार्च को ग्रीस ने दो ईरानी ड्रोन भी इंटरसेप्ट कर गिराए थे। इसके अलावा ग्रीस ने अपने सबसे एडवांस युद्धपोत को भी इस क्षेत्र में तैनात किया है।
ईरान समर्थित समूहों जैसे हिजबुल्लाह की सक्रियता और हाल के हमले क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर दबाव डाल सकते हैं, साथ ही तेल और गैस की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।

