मुख्यमंत्री बनते ही थलापति विजय ने 10 लाख करोड़ के कर्ज का किया जिक्र, स्टालिन ने दिया तीखा जवाब
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद थलापति विजय के बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का जिक्र करते हुए कई बड़े ऐलान किए। उनके इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
200 यूनिट फ्री बिजली और महिला सुरक्षा टास्क फोर्स जैसे बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद थलापति विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फोर्स सहित कई अहम घोषणाएं कीं। इसी दौरान उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई।
“सरकार के पास पैसा नहीं है” कहना शुरू न करें — स्टालिन
एमके स्टालिन ने विजय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार के पास धन नहीं होने की बात तुरंत कहना शुरू नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “धन है, जरूरत उसे जनता तक पहुंचाने की इच्छाशक्ति और शासन करने की क्षमता की है।”
स्टालिन ने कहा कि कोविड, बाढ़ और केंद्र सरकार की उपेक्षा जैसी चुनौतियों के बावजूद उनकी सरकार ने जनता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की थीं।
“तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति बजट में स्पष्ट की गई थी”
डीएमके प्रमुख ने कहा कि फरवरी में पेश किए गए बजट में तमिलनाडु सरकार की वित्तीय स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आपको इसकी जानकारी नहीं थी? क्या आपने जनता से केवल वादे किए थे?”
स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु का ऋण स्तर निर्धारित सीमा के भीतर है और जनता को गुमराह करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
“वादे पूरे करने के तौर-तरीके सीख जाएंगे” — स्टालिन का तंज
स्टालिन ने विजय पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान कहा था कि वही वादे करेंगे जिन्हें पूरा कर सकें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब सरकार चलाने की शुरुआत हो चुकी है और उन्हें उम्मीद है कि विजय भी जनता से किए गए वादों को पूरा करने के तौर-तरीके सीख जाएंगे।
शुभकामनाओं के साथ दी नसीहत, तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
हालांकि आलोचना के बीच स्टालिन ने विजय को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के विकास की यात्रा जारी रहे, यही उनकी कामना है। वहीं दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी के बाद राज्य की राजनीति में सियासी गर्मी और बढ़ गई है।


