मरवाही में युवक की संदिग्ध मौत: परिजनों ने बताया हत्या, पुलिस ने लिखा सुसाइड

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22 जनवरी को मौहार पार में पेड़ से लटका मिला था तुलेश्वर का शव, परिवार का आरोप- पैर-आंख बंधे थे, गला कटा था, फिर भी PM में आत्महत्या

मरवाही/जीपीएम, 2026 कुम्हारी मरवाही निवासी 24 वर्षीय तुलेश्वर प्रजापति की मौत 4 महीने बाद भी सवालों के घेरे में है। 22 जनवरी 2026 की रात मौहार पार मरवाही में पेड़ से लटका मिला शव पुलिस रिकॉर्ड में आत्महत्या है, जबकि परिजन इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। परिवार ने SP जीपीएम से लेकर मानवाधिकार आयोग तक शिकायत कर CBI जांच की मांग की है।

मृतक के पिता के अनुसार तुलेश्वर कुम्हारी की संध्या रजक से विवाह करना चाहता था। दोनों अमरकंटक जाकर फोटो भी खिंचवा चुके थे। आरोप है कि लड़की के पिता दिनेश रजक को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। परिवार का कहना है कि इसी विवाद में लड़की के रिश्तेदार राज रजक, सागर रजक और राजेश राय ने पहले तुलेश्वर से मारपीट की थी। इसकी FIR खुद तुलेश्वर ने मरवाही थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने घर आकर धमकी दी थी कि “मार कर फेंक देंगे”।

परिजनों के मुताबिक 22 जनवरी 2026 की रात तुलेश्वर का शव मौहार पार में पेड़ से लटका मिला। सूचना पर मरवाही पुलिस पहुंची। परिवार का आरोप है कि पंचनामा के दौरान पुलिसकर्मी अजय मुंशी ने मृतक के पिता और गवाहों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। मृतक का मोबाइल भी जब्त किया गया, जो अप्रैल 2026 तक थाने में ही रखा रहा। परिजनों का कहना है कि मोबाइल की कॉल डिटेल या लोकेशन नहीं निकाली गई।

मरवाही के शासकीय चिकित्सक डॉ. मृत्युंजय सराफ ने पोस्टमार्टम किया। PM रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग यानी आत्महत्या बताया गया। परिजनों ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मृतक के दोनों पैर रस्सी से बंधे थे और आंखों पर पट्टी बंधी थी। पैर में बंधी रस्सी मोटर साइकिल के लेग गार्ड से खींचकर बांधी गई जैसी थी। परिवार का आरोप है कि युवक को आंख-पैर बांधकर मोटर साइकिल से घसीटा गया। इसके अलावा गला भी कटा हुआ था और घटनास्थल पर ग्लव्स भी मिले थे।

मृतक के परिजनों का कहना है कि पुरानी मारपीट की FIR के बाद भी नामजद आरोपियों राज रजक, सागर रजक, राजेश राय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। थाना जाने पर पुलिसकर्मियों द्वारा धमकाने का आरोप है। SP जीपीएम से लिखित शिकायत करने पर भी परिवार का आरोप है कि उन्हें डांटकर कोरे कागज पर साइन करने को कहा गया और बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

परिजनों ने सीधे डॉ. मृत्युंजय सराफ और तत्कालीन थाना प्रभारी पर “मोटी रकम लेकर हत्या को आत्महत्या करार देने” का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि वे हाईकोर्ट में याचिका और CID जांच की मांग की तैयारी कर रहे हैं।

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