अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण: भारत की सामरिक ताकत में हुआ बड़ा इजाफा

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ओडिशा के चांदीपुर से हुआ परीक्षण, SFC और DRDO की संयुक्त उपलब्धि

नई दिल्ली। भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए गुरुवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-4’ का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से किया गया। परीक्षण को स्ट्रेटेजिक कमांड फोर्स (SFC) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया। यह परीक्षण स्ट्रेटेजिक कमांड फोर्स की निगरानी में संपन्न हुआ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

अग्नि-4 मिसाइल के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SFC और DRDO के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण भारत की अत्याधुनिक रक्षा तकनीक और देश की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने के संकल्प को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इस सफल परीक्षण से भारत की रणनीतिक क्षमता में और बढ़ोतरी हुई है।

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है अग्नि-4

अग्नि-4 भारत की सबसे शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलों में शामिल है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता लगभग 4,000 किलोमीटर तक बताई जाती है।

यह मिसाइल भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता (Strategic Deterrence Capability) को मजबूत करती है और देश की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारत की रक्षा शक्ति को मिली नई मजबूती

अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भारतीय सेना की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता और मजबूत हुई है।

भारत लगातार अपनी रक्षा प्रणालियों को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। अग्नि-4 जैसे मिसाइल सिस्टम देश की सुरक्षा तैयारियों को नई मजबूती प्रदान करते हैं।

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