रायगढ़। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अजीत वसंत एवं पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल की संयुक्त अध्यक्षता में जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था, NCORD (नारको को-ऑर्डिनेशन) और सड़क सुरक्षा को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय, सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर सुनील नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल सहित राजस्व, पुलिस, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, परिवहन, नगर पालिका और आबकारी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
🔹 नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में अवैध नशे के कारोबार पर सख्त नियंत्रण के निर्देश देते हुए कहा कि नशा अधिकांश अपराधों की जड़ है, इसलिए इस पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
उन्होंने अवैध शराब, गांजा, अफीम, नशीले इंजेक्शन और दवाओं की बिक्री पर सघन जांच के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल दुकानों में सीसीटीवी अनिवार्य करने और प्रतिबंधित दवाओं पर निगरानी बढ़ाने को कहा।
🔹 स्कूल–कॉलेज के आसपास सख्त निगरानी
कलेक्टर ने शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू और नशे से जुड़े उत्पादों की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नगर निगम, पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम से तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया।
🔹 कानून व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों पर फोकस
बैठक में एसडीएम, एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सूचना तंत्र को मजबूत करना और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
🔹 गांजा खेती और नशा नेटवर्क पर पुलिस का सख्त रुख
एसएसपी राजेश अग्रवाल ने गांजा की अवैध खेती पर विशेष निगरानी रखने और बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों, बसों और कोरियर की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा नेटवर्क पर संयुक्त कार्रवाई की बात कही।
🔹 सड़क सुरक्षा और राहवीर योजना पर जोर
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए ब्लैक स्पॉट सुधार, स्पीड ब्रेकर, संकेतक चिन्ह, अवैध पार्किंग नियंत्रण और प्रकाश व्यवस्था सुधार पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने राहवीर योजना का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये और प्रशंसा पत्र दिया जाता है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चयनित राहवीरों को 1 लाख रुपये तक पुरस्कार भी मिलता है।
🔹 समन्वय और जनसहभागिता पर जोर
अधिकारियों को समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और कोटवारों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशामुक्ति और जनजागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने पर बल दिया गया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिले में नशा नियंत्रण, कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब और अधिक सख्त और सक्रिय रुख अपनाएगा, ताकि अपराधों पर अंकुश लगाकर सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।


